March 26, 2026

सूचना के अधिकार से सुशासन तक: जिला स्तरीय अधिकारियों को आरटीआई पर गहन प्रशिक्षण


बागेश्वर। पारदर्शी प्रशासन और जवाबदेह शासन व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए डॉ. आर. एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी द्वारा विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य सूचना के अधिकार अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से प्रशासनिक दक्षता और जनसेवा की गुणवत्ता को और बेहतर बनाना है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रथम दिन बुधवार को जनपद के समस्त विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों को सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 तथा आरटीआई नियमावली, 2013 के प्रावधानों की विस्तृत और व्यावहारिक जानकारी दी गई। सत्रों के माध्यम से अधिकारियों को यह समझाया गया कि किस प्रकार यह अधिनियम लोकतांत्रिक व्यवस्था में पारदर्शिता, उत्तरदायित्व और जनविश्वास को मजबूत करने का सशक्त माध्यम है।
अकादमी के संयुक्त निदेशक महेश कोहली एवं कुमाऊँ विश्वविद्यालय के विधि परामर्शी नवीन पनेरु ने अधिनियम की मूल भावना, सूचना उपलब्ध कराने की प्रक्रिया, लोक सूचना अधिकारियों की भूमिका, अपील एवं शिकायत निवारण तंत्र, निर्धारित समय-सीमाएँ तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में दंडात्मक प्रावधानों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही आरटीआई नियमावली, 2013 के अंतर्गत शुल्क व्यवस्था, आवेदन प्रक्रिया और व्यवहारिक चुनौतियों पर भी सारगर्भित चर्चा की गई।
प्रशिक्षण के दौरान वास्तविक और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया कि सूचना का अधिकार अधिनियम का प्रभावी अनुपालन न केवल सुशासन को सुदृढ़ करता है, बल्कि आम नागरिकों को समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ उपलब्ध कराने में भी सहायक सिद्ध होता है।
इस अवसर पर उप जिलाधिकारी प्रियंका रानी, परियोजना निदेशक शिल्पी पंत सहित जनपद के विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए प्रशिक्षण का लाभ उठाया। यह कार्यक्रम प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम के रूप में देखा जा रहा