कार्यालयी दक्षता की ओर सशक्त कदम: जिला स्तरीय अधिकारियों को वित्तीय नियमों व ई-ऑफिस का विशेष प्रशिक्षण
बागेश्वर। प्रशासनिक कार्यप्रणाली को अधिक पारदर्शी, दक्ष एवं उत्तरदायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी, नैनीताल के तत्वावधान में विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय अधिकारियों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। यह कार्यक्रम शासन की कार्यसंस्कृति को आधुनिक तकनीकी साधनों से जोड़ने तथा वित्तीय अनुशासन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दूसरे दिन गुरुवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों को वेतन निर्धारण, आहरण एवं वितरण से संबंधित नियमों, एसीपी/एमएसीपी प्रावधानों तथा ई-ऑफिस प्रणाली की कार्यप्रणाली पर विस्तारपूर्वक मार्गदर्शन दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों को न केवल सैद्धांतिक जानकारी प्रदान की गई, बल्कि व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से यह भी बताया गया कि किस प्रकार कार्यालयी कार्यों को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नियमसम्मत ढंग से संचालित किया जा सकता है।
संयुक्त निदेशक डॉ. आर.एस. टोलिया उत्तराखंड प्रशासनिक अकादमी के प्रतिनिधि डॉ. महेश कुमार ने प्रशिक्षण सत्र का संचालन करते हुए अधिकारियों को वित्तीय प्रबंधन की सूक्ष्मताओं से अवगत कराया। ई-ऑफिस विषय पर एनआईसी की एकता बोहरा ने प्रस्तुतीकरण देते हुए डिजिटल कार्यप्रणाली के लाभों और उसके प्रभावी उपयोग पर प्रकाश डाला, जबकि वेतन निर्धारण, एसीपी एवं एमएसीपी से जुड़े नियमों पर उप कोषाधिकारी कपकोट जितेंद्र चंद्र उपाध्याय ने विस्तृत जानकारी प्रदान की।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी प्रियंका रानी, वरिष्ठ कोषाधिकारी के.आर. सारकी, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. मंजुलता यादव, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुमार आदित्य तिवारी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की सक्रिय सहभागिता रही। यह प्रशिक्षण प्रशासनिक दक्षता, वित्तीय अनुशासन और डिजिटल कार्यसंस्कृति को नई गति प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा हैं।
