February 10, 2026

ढुंग गांव में आपदा के एक साल बाद भी नहीं बना पुल –  लकड़ी के फट्टे बिछाकर आवाजाही करने को मजबूर ग्रामीण


उत्तरकाश।  ग्राम पंचायत सिरी के अनुसूचित जाति बाहुल्य गांव ढुंग में आपदा में बहे पुल का निर्माण नहीं होने के कारण ग्रामीण और स्कूली बच्चे जान जोखिम में डालकर आवाजाही कर रहे हैं। ग्रामीण पुल के स्थान पर लकड़ी के फट्टे बिछाकर आवाजाही करने को मजबूर हैं। इसके अलावा गांव की पेयजल लाइनों के साथ नहर क्षतिग्रस्त है लेकिन उनके समाधान के लिए जिला प्रशासन की ओर से अभी तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। डुंडा विकासखंड के सिरी ग्राम पंचायत के ढुंग गांव के शांतिलाल, सुरेंद्र लाल, बैशाखू लाल का कहना है कि 60 परिवार निवास करते हैं। ये लोग गत वर्ष आई आपदा के बाद से भय में हैं। वर्ष 2024 में गांव के समीप से बहने वाली नदी में बाढ़ आने के कारण गांव के पैदल मार्ग सहित पुल आदि क्षतिग्रस्त हो गए थे। इसके साथ ही पाइपलाइन और नहरें भी क्षतिग्रस्त हो गए थे। गांव को जोड़ने वाला मुख्य पुल क्षतिग्रस्त हो गया था। उससे हर दिन ग्रामीण और स्कूली बच्चे आवाजाही करते हैं। जब प्रशासन की ओर से सुनवाई नहीं हुई तो उसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही वहां पर लकड़ी के फट्टे बिछाकर अस्थायी पुलिया बनाकर आवाजाही शुरू करवाई लेकिन उस पर भी आवाजाही में खतरा बना रहता है। साथ ही पैदल मार्गों की स्थिति भी खराब बनी है। शांतिलाल ने बताया कि पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त होने के बाद ग्रामीणों ने स्वयं ही आपूर्ति पूरी करने के लिए अस्थायी व्यवस्था की। इस संबंध में ग्रामीणों ने डीएम से मुलाकात कर आपदा प्रभावित गांव में सुरक्षात्मक और अन्य कार्य करने की मांग की है।