बोर्ड परीक्षा में फर्जीवाड़े का भंडाफोड़: 8 मुन्नाभाई गिरफ्तार, संगठित नकल गिरोह की आशंका से हड़कंप
हरिद्वार। उत्तराखंड की शैक्षिक व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना में की बोर्ड परीक्षा के दौरान बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। ग्राम सलेमपुर महदूद स्थित राजकीय इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर हाईस्कूल हिंदी की परीक्षा के समय आठ फर्जी परीक्षार्थियों को रंगे हाथों पकड़ा गया। इनमें चार छात्र और चार छात्राएं शामिल हैं, जो वास्तविक अभ्यर्थियों के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचे थे।
कक्ष निरीक्षकों को एडमिट कार्ड की जांच के दौरान परीक्षार्थियों की तस्वीरों में संदिग्ध असमानता दिखाई दी। जब सख्ती से पूछताछ की गई तो सभी ने स्वीकार कर लिया कि वे दूसरे छात्रों की जगह परीक्षा देने आए थे। यह स्वीकारोक्ति न केवल परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगाती है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सक्रिय संभावित आपराधिक गठजोड़ की ओर भी संकेत करती है।
प्राथमिक जांच में यह तथ्य सामने आया कि पकड़े गए सभी आरोपी रावली महदूद स्थित सावित्री शिक्षा सदन इंटर कॉलेज के निजी परीक्षार्थियों की जगह परीक्षा दे रहे थे। केंद्र व्यवस्थापक ने तत्परता दिखाते हुए तत्काल पुलिस और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर उनकी उत्तर पुस्तिकाएं जब्त कर लीं।
इस प्रकरण पर प्रतिक्रिया देते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि विद्यालय प्रबंधन की तहरीर पर आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे प्रकरण के पीछे कोई संगठित नकल गिरोह सक्रिय हो सकता है, जिसकी गहन जांच की जा रही है। पुलिस अब इस नेटवर्क के संभावित सरगनाओं और सहयोगियों की तलाश में जुटी है।
यह घटना न केवल परीक्षा की निष्पक्षता पर प्रश्न उठाती है, बल्कि उस सामाजिक और नैतिक संकट की ओर भी संकेत करती है, जहाँ सफलता के लिए अनुचित साधनों का सहारा लिया जा रहा है। प्रशासन की आगामी कार्रवाई यह तय करेगी कि शिक्षा व्यवस्था की साख को बहाल करने के लिए कितनी कठोरता और पारदर्शिता बरती जाती है।
