March 31, 2026

ध्वस्तीकरण रोकने को जेसीबी के आगे लेटे लोग


काशीपुर ।   बाजपुर चीनी मिल आवासीय परिसर में मंगलवार को अवैध कब्जे हटाने प्रशासन की टीम का अतिक्रमणकारियों ने विरोध कर दिया। जिला पंचायत सदस्य के नेतृत्व में लोग जेसीबी के आगे लेट गए। नोकझोंक और घंटों चले हंगामे के बाद आखिरकार प्रशासन को कदम पीछे खींचने पड़े और टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से आवास खाली करने को चार माह का समय मांगा है। चीनी मिल प्रबंधन ने बताया कि परिसर के करीब 100 आवासों पर लंबे समय से अवैध कब्जा है। इन कब्जेदारों को परिसर खाली करने के लिए कई बार नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इसी क्रम में प्रशासन ने मंगलवार को ध्वस्तीकरण की कार्रवाई का अल्टीमेटम दिया था। एसडीएम और चीनी मिल की प्रभारी जीएम के निर्देश पर मंगलवार को तहसीलदार प्रताप चौहान भारी पुलिस बल और जेसीबी के साथ मौके पर पहुंचे। जैसे ही टीम ने ध्वस्तीकरण की तैयारी शुरू की। वहां मौजूद जिला पंचायत सदस्य जितेंद्र शर्मा ‘सोनू’ और दलित नेता राजकुमार के नेतृत्व में दर्जनों लोग विरोध में उतर आए। देखते ही देखते माहौल तनावपूर्ण हो गया और लोग नारेबाजी करते हुए सीधे जेसीबी के आगे लेट गए। प्रशासन और प्रदर्शनकारियों के बीच काफी देर तक गहमागहमी और बहस होती रही। नेताओं का तर्क था कि कड़ाके की धूप और विपरीत परिस्थितियों में लोगों को बेघर करना मानवीय दृष्टिकोण से गलत है। लोगों का कहना था कि गरीब मजदूरों को कम से कम चार माह का समय देना चाहिए, जिससे ये लोग अपने रहने की व्यवस्था कर सकें। प्रदर्शन कर रहे नेताओं ने प्रशासन से स्पष्ट कहा कि वह कब्जा खाली करने के खिलाफ नहीं हैं। जिला पंचायत सदस्य ने कहा कि भाजपा सरकार यूपी की तर्ज पर काम कर रही है और आम जनता को अतीक अहमद समझ उनके घरों पर बुलडोजर भेज रही है यह सरासर गलत है। तहसीलदार ने उन्हें समझाने की काफी कोशिश की। इस बीच प्रदर्शनकारियों की तहसीलदार से काफी बहस भी हुई, लेकिन बढ़ते दबाव के चलते टीम को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
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मंगलवार को टीम अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, लेकिन पर्याप्त पुलिस बल नहीं होने के चलते टीम वापस लौटी है। पुलिस से पर्याप्त बल मांगा गया है जैसे ही बल उपलब्ध होगा त्वरित कार्रवाई की जाएगी।   -अमृता शर्मा, एसडीएम एवं प्रभारी जीएम चीनी मिल बाजपुर