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October 11, 2026

नक्षत्रों की छांव में विकसित होगा पर्यटन का नया आयाम, जिलाधिकारी का दूरदर्शी संकल्प


बागेश्वर। प्रकृति, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना के अद्भुत संगम को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने नक्षत्र वाटिका को एक आकर्षक, जनोपयोगी एवं पर्यटन की दृष्टि से विशिष्ट स्थल के रूप में विकसित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके सुनियोजित विकास, सौंदर्यीकरण और प्रभावी प्रचार-प्रसार के लिए एक समग्र एवं नवीन कार्ययोजना तैयार करने पर विशेष बल दिया, जिससे यह स्थल न केवल स्थानीय नागरिकों बल्कि दूर-दराज से आने वाले पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सके।
गुरुवार को जिलाधिकारी ने प्रभागीय वनाधिकारी आदित्य रत्ना के साथ बागेश्वर वन प्रभाग के अंतर्गत स्थित छतीना नर्सरी एवं नक्षत्र वाटिका का संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने व्यवस्थाओं का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए और विकास कार्यों में गुणवत्ता तथा समयबद्धता सुनिश्चित करने की अपेक्षा जताई।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि नक्षत्र वाटिका का विकास इस प्रकार किया जाए कि यहां आने वाले लोगों को केवल प्राकृतिक सौंदर्य का ही अनुभव न हो, बल्कि उन्हें भारतीय संस्कृति, पुराणों में वर्णित नक्षत्रों और उनसे जुड़े वृक्षों के वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक महत्व की भी समुचित जानकारी प्राप्त हो सके। उन्होंने इसे एक ऐसा ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक स्थल बनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जहां पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनचेतना स्वतः जागृत हो।
वन विभाग के प्रतिनिधियों ने अवगत कराया कि नक्षत्र वाटिका की अवधारणा पुराणों में वर्णित नक्षत्रों के अनुरूप वृक्षारोपण पर आधारित है, जिसका उद्देश्य आम जनमानस में पर्यावरणीय संतुलन के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है।
जिलाधिकारी ने अंततः निर्देशित किया कि विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर गति प्रदान करते हुए नक्षत्र वाटिका को एक आदर्श एवं मॉडल स्थल के रूप में स्थापित किया जाए, जिससे यह बागेश्वर की पहचान को एक नई ऊंचाई प्रदान कर सके और पर्यटन के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे।

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