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October 12, 2026

चार धाम यात्रा?! : सिरोहबगड़ से रुद्रप्रयाग तक बदहाल मार्ग यात्रियों की परीक्षा बनेगा


रुद्रप्रयाग । केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल और बदरीनाथ धाम के कपाट 23 अप्रैल को खुलने वाले हैं, लेकिन इससे पहले ही सिरोहबगड़ से रुद्रप्रयाग तक का 15 किलोमीटर मार्ग यात्रियों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। सड़क पर उड़ता धूल का गुबार, मलबा और दलदल की स्थिति यात्रा को जोखिमपूर्ण बना रही है। साढ़े पांच दशक से संवेदनशील सिरोहबगड़ इस बार भी यात्रियों की मुश्किलें बढ़ाने वाला है। भूस्खलन जोन के ट्रीटमेंट के लिए 95.12 करोड़ की स्वीकृति मिलने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। सिरोहबगड़ से खांखरा तक करीब 3 किलोमीटर में चार सक्रिय भूस्खलन जोन हैं, जबकि नौगांव से नरकोटा तक सात भूस्खलन जोन हर साल की तरह इस बार भी खतरा बने हुए हैं। नरकोटा सिग्नेचर ब्रिज का 500 मीटर हिस्सा 2024 से क्षतिग्रस्त है और निर्माण कार्य बंद पड़ा है। सड़क पर पड़ी निर्माण सामग्री मार्ग को संकरा बना रही है, जिससे जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति बनी रहती है।
पूरे मार्ग पर कई जगह क्रैश बैरियर टूटे हैं, रिफ्लेक्टर और साइन बोर्ड नहीं हैं। गुलाबराय और पेट्रोल पंप क्षेत्र में स्लोप ट्रीटमेंट धीमी गति से चल रहा है। तिलणी के पास पुल निर्माण स्थल पर बारिश का पानी सड़क पर जमा हो रहा है। सुमेरपुर से रतूड़ा तक सड़क कीचड़ और फिसलन से बदहाल है, जबकि घोलतीर-मरोड़ा के पास सड़क धंसने से दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
सुविधाओं की भी कमी है। सुमेरपुर से नरकोटा तक 14 सार्वजनिक शौचालय हैं, लेकिन सिरोहबगड़ के बीच कोई सुविधा नहीं है। स्वास्थ्य सेवाएं केवल जिला अस्पताल रुद्रप्रयाग और पीएचसी घोलतीर तक सीमित हैं। एटीएम और पेयजल की सुविधा भी सीमित है। ऐसे में चारधाम यात्रा शुरू होने से पहले मार्ग की दुरुस्ती और सुविधाओं का विस्तार जरूरी है।

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