April 8, 2026

जनता की आवाज़ पर प्रशासन का सख्त संज्ञान: जिलाधिकारी ने जनता दरबार में दिए त्वरित निस्तारण के निर्देश, लापरवाह अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई


बागेश्वर। जनसरोकारों के प्रति प्रशासनिक प्रतिबद्धता का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करते हुए जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता दरबार में आमजन की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान के लिए स्पष्ट एवं कड़े निर्देश जारी किए। इस दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 20 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें सड़क अवसंरचना, पशुपालन, शिक्षा, विद्युत, पेयजल तथा आपदा प्रबंधन जैसे अत्यंत महत्वपूर्ण विषय प्रमुख रहे।
जिलाधिकारी ने इन सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने हेतु संबंधित विभागों को निर्देशित करते हुए दो टूक कहा कि जनसमस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान प्रशासन की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिकायतों के निस्तारण में किसी प्रकार की ढिलाई या लापरवाही अब किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी।
जनता दरबार के दौरान ही जिलाधिकारी ने सीएम हेल्पलाइन की प्रगति की गहन समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए। विशेष रूप से जिन अधिकारियों का कॉलिंग प्रतिशत 50 प्रतिशत से कम पाया गया, उनके विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए वेतन रोकने के आदेश जारी किए गए, जो प्रशासन की जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
समाचार पत्रों में प्रकाशित जनसमस्याओं का स्वतः संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अनुशासनहीनता के मामलों में भी उन्होंने कठोर रुख अपनाते हुए यूपीसीएल के अधिशासी अभियंता के विरुद्ध अनुपस्थिति के कारण विभागीय कार्यवाही के आदेश दिए, वहीं जिला क्रीड़ा अधिकारी का वेतन भी रोकने के निर्देश जारी किए गए।
प्रशासनिक कार्यों में समन्वय और दूरदर्शिता पर बल देते हुए जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आगामी वित्तीय वर्ष के लिए अपनी कार्ययोजनाएं पूर्व से ही तैयार रखें, जिससे योजनाओं का प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके। आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर भी उन्होंने सभी विभागों को सतर्क रहने और आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्व से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक के समापन पर जिलाधिकारी ने कार्यालय समय के कड़ाई से पालन, निर्माण कार्यों में गुणवत्ता बनाए रखने तथा उत्तरदायित्वपूर्ण कार्य संस्कृति विकसित करने पर जोर देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार की लापरवाही को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्होंने प्रशासनिक दक्षता और जनहित के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।