राजस्व वृद्धि को नई गति देने का संकल्प: जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की सख्त मॉनिटरिंग से प्रशासनिक तंत्र हुआ सक्रिय
बागेश्वर। विकास और सुशासन की दिशा में एक सुदृढ़ पहल करते हुए जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक ने राजस्व संवर्धन को नई दिशा प्रदान की है। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों की प्रगति का गहन विश्लेषण करते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि आगामी वित्तीय वर्ष के राजस्व लक्ष्यों की प्राप्ति केवल औपचारिकता न बनकर एक परिणामोन्मुखी और पारदर्शी प्रक्रिया होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नियमित मॉनिटरिंग, जवाबदेही और जमीनी स्तर पर सक्रियता के साथ राजस्व वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने विभागीय समन्वय को सफलता की कुंजी बताते हुए कहा कि सभी अधिकारी अपने-अपने दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करें, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली में गति और पारदर्शिता दोनों बनी रहे। विशेष रूप से गैस वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाए रखने के लिए उपजिलाधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए। घरेलू गैस सिलेंडरों के व्यावसायिक दुरुपयोग पर अंकुश लगाने हेतु सघन छापेमारी अभियान चलाने की बात कही गई, जिससे आम उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा हो सके।
विद्युत क्षेत्र में सुधार को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी ने यूपीसीएल को एक सप्ताह के भीतर सभी सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर स्थापित करने के निर्देश दिए। यह पहल न केवल विद्युत खपत की सटीक निगरानी सुनिश्चित करेगी, बल्कि अनावश्यक व्यय में कमी लाकर राजस्व संग्रह को भी अधिक पारदर्शी बनाएगी।
खाद्य सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग को दुग्ध उत्पादों, मसालों एवं अंडों की सघन सैंपलिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए, साथ ही होटल, रेस्टोरेंट्स और स्लॉटर हाउस में नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके।
इसके अतिरिक्त, श्रम विभाग को मनरेगा श्रमिकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित करने और उन्हें विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि श्रमिकों का सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
बैठक में अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित सभी उपजिलाधिकारी और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। यह समीक्षा बैठक प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है कि राजस्व वृद्धि के साथ-साथ जनहित और पारदर्शिता को समान रूप से प्राथमिकता दी जाएगी।
