डिजिटल युग की जनगणना: ‘स्वयं गणना’ सुविधा से सशक्त होगा नागरिक सहभाग—बागेश्वर में प्रथम चरण का शुभारंभ
बागेश्वर। राष्ट्रीय विकास की आधारशिला मानी जाने वाली जनगणना प्रक्रिया वर्ष 2026 के लिए अब एक नए, तकनीक-संपन्न स्वरूप में प्रारंभ हो चुकी है। इसी क्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने कलेक्ट्रेट परिसर में जनगणना के प्रथम चरण का औपचारिक शुभारंभ करते हुए इसे देश की योजनागत संरचना का मूल स्तंभ बताया। उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़े न केवल वर्तमान सामाजिक-आर्थिक स्थिति का दर्पण होते हैं, बल्कि भविष्य की नीतियों और विकास योजनाओं की दिशा भी निर्धारित करते हैं।
इस अभियान के अंतर्गत प्रथम चरण में ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ (House Listing and Housing Census) का कार्य 25 अप्रैल से 25 मई तक संचालित किया जाएगा। इस अवधि में जनपद के प्रत्येक मकान का सूक्ष्म एवं विस्तृत विवरण संकलित किया जाएगा, जिससे शासन की योजनाओं का अधिक सटीक और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित हो सके।
विशेष बात यह है कि इस बार जनगणना प्रक्रिया को नागरिकों के लिए अधिक सुगम और सहभागी बनाने हेतु ‘स्वयं गणना’ (Self Enumeration) की अभिनव सुविधा भी प्रारंभ की गई है। इसके माध्यम से तकनीक-सक्षम नागरिक 10 अप्रैल से 24 अप्रैल के मध्य निर्धारित पोर्टल पर घर बैठे अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। यह पहल न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि नागरिकों को प्रक्रिया में प्रत्यक्ष रूप से सहभागी बनने का अवसर भी प्रदान करेगी।
जिलाधिकारी ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन व्यक्तियों के लिए ऑनलाइन माध्यम सुलभ नहीं है, उनके लिए पारंपरिक व्यवस्था यथावत रहेगी। निर्धारित अवधि में सरकारी प्रगणक घर-घर जाकर आवश्यक सूचनाएं एकत्रित करेंगे, जिससे कोई भी नागरिक इस महत्वपूर्ण प्रक्रिया से वंचित न रह जाए।
अपने संबोधन के अंत में जिलाधिकारी ने समस्त जनपदवासियों से इस राष्ट्रीय दायित्व में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे ‘स्वयं गणना’ सुविधा का अधिकतम उपयोग करते हुए सटीक और प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जिले और राष्ट्र के विकास की योजनाएं अधिक सुदृढ़, समावेशी और प्रभावी रूप में तैयार की जा सकें।
