ट्राउट फार्मिंग से बदलेगी पहाड़ की तस्वीर: जगथाना मॉडल बना प्रेरणा, जिला प्रशासन तैयार कर रहा विस्तार की रणनीति
बागेश्वर। पहाड़ी अंचलों में स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की नई इबारत लिखती ट्राउट फार्मिंग को अब और व्यापक आयाम देने की दिशा में जिला प्रशासन गंभीरता से कदम बढ़ा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी आकांक्षा कोंडे ने शनिवार को कपकोट तहसील के अंतर्गत जगथाना स्थित मत्स्य जीवी समिति में संचालित ट्राउट मछली पालन परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने जगथाना में विकसित क्लस्टर आधारित फार्मिंग मॉडल की विशेष सराहना करते हुए इसे ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद इस प्रकार के संगठित प्रयास न केवल स्थानीय युवाओं को स्वरोजगार प्रदान कर रहे हैं, बल्कि पारंपरिक कृषि पर निर्भरता को कम करते हुए आय के नए स्रोत भी सृजित कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रशासन अब इस मॉडल को जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी विस्तार देने हेतु एक ठोस कार्ययोजना तैयार करेगा।
जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि अधिकाधिक ग्रामीणों, विशेषकर युवाओं को इस गतिविधि से जोड़ने के लिए व्यापक जनजागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं, ताकि ट्राउट फार्मिंग को एक सशक्त आजीविका विकल्प के रूप में स्थापित किया जा सके।
मत्स्य अधिकारी मनोज मियां ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में जनपद में 20 मत्स्य समितियां सक्रिय रूप से इस कार्य में संलग्न हैं, जो सामूहिक रूप से लगभग 70 लाख रुपये की वार्षिक आय अर्जित कर रही हैं। विशेष रूप से जगथाना समिति अपने उत्कृष्ट प्रबंधन और उत्पादन के बल पर प्रतिवर्ष लगभग 12 लाख रुपये का लाभ कमा रही है। यहां तीन समितियों के माध्यम से 30 से अधिक लोगों को स्थायी रोजगार मिला हुआ है, जो इस मॉडल की सफलता को प्रमाणित करता है।
उन्होंने यह भी बताया कि ट्राउट मछली की बाजार में उच्च मांग बनी हुई है और यह लगभग 500 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रही है, जिससे लाभप्रदता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी के चलते अब बागेश्वर की ट्राउट मछली का विपणन अन्य जनपदों के साथ-साथ प्रदेश से बाहर भी होने लगा है, जिससे जिले को एक नई आर्थिक पहचान मिल रही है।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी आर.सी. तिवारी, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
