ड्यूटी से आगे बढ़कर निभाया मानवता का धर्म: रक्तदान कर पुलिस उपाधीक्षक अजय शाह ने बचाई गर्भवती महिला की जान
बागेश्वर। पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं होती, बल्कि संकट की घड़ी में मानवीय संवेदनाओं का परिचय देना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। जनपद बागेश्वर में इसका प्रेरणादायक उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब एक गर्भवती महिला के जीवन पर संकट के बादल मंडरा रहे थे और उसे तत्काल ओ-पॉजिटिव रक्त की आवश्यकता थी।
जिला अस्पताल में उपचाराधीन महिला की हालत अचानक गंभीर हो गई। चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि उसके जीवन की रक्षा के लिए तुरंत रक्त उपलब्ध कराना आवश्यक है। परिजन हरसंभव प्रयास के बावजूद रक्त की व्यवस्था नहीं कर सके, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही थी। इसी बीच सोशल मीडिया के माध्यम से यह सूचना पुलिस उपाधीक्षक बागेश्वर अजय शाह तक पहुंची।
सूचना मिलते ही अजय शाह ने संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय देते हुए बिना किसी विलंब के जिला अस्पताल पहुंचकर स्वयं रक्तदान किया। उनके द्वारा समय पर किए गए रक्तदान से महिला को आवश्यक उपचार मिल सका और उसकी जान बचाने में महत्वपूर्ण सहायता मिली। इस मानवीय पहल ने न केवल एक परिवार को राहत दी, बल्कि पुलिस के प्रति समाज के विश्वास को भी और अधिक मजबूत किया।
उल्लेखनीय है कि पुलिस उपाधीक्षक अजय शाह इससे पूर्व भी कई अवसरों पर रक्तदान कर जरूरतमंद लोगों की सहायता कर चुके हैं। उनका यह कदम यह संदेश देता है कि वर्दी केवल अधिकार और कर्तव्य का प्रतीक नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और मानवता का भी परिचायक है।
महिला के परिजनों एवं जिला अस्पताल के चिकित्सकीय स्टाफ ने समय पर रक्त उपलब्ध कराने के लिए अजय शाह और जनपद पुलिस का हृदय से आभार व्यक्त किया। वहीं स्थानीय नागरिकों और सोशल मीडिया पर भी उनके इस सराहनीय कार्य की व्यापक प्रशंसा हो रही है।
जनपद पुलिस द्वारा पुलिस अधीक्षक बागेश्वर के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘सेवा और सुरक्षा’ के संकल्प को यह घटना एक नई सार्थकता प्रदान करती है। यह उदाहरण साबित करता है कि जब संवेदनशीलता और कर्तव्यनिष्ठा साथ-साथ चलती हैं, तब पुलिस केवल कानून की रक्षक नहीं, बल्कि जीवन की संरक्षक भी बन जाती है।
