नया भारत !!! मनसा देवी मंदिर में चढ़ावे की पारदर्शिता के लिए बिना जेब वाले कुर्तों की शुरुआत, पुजारियों को वितरित किए गए कुर्ते
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हरिद्वार । मां मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने चढ़ावा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में नई व्यवस्था लागू कर दी है। बुधवार से मंदिर के पुजारी और कर्मचारियों को बिना जेब वाले विशेष कुर्ते बांटे गए। अब पुजारी और कर्मचारियों को इन्हीं कुर्तों को पहनाना होगा। बुधवार को ट्रस्ट के अध्यक्ष डॉ. श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने मंदिर के पुजारियों और कर्मचारियों को बिना जेब वाले विशेष कुर्ते वितरित किए। अब बिना जेब वाले कुर्ते पहनकर ही पुजारी मंदिर में रहेंगे। बता दें कि कुछ दिन पहले उन्होंने मंदिर में बिना जेब वाले कुर्ते की व्यवस्था लागू करने की घोषणा की थी, जिसे अब अमल में लाया गया है। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि हाल के दिनों में अयोध्या राम मंदिर में चंदा चोरी और बदरीनाथ धाम में चढ़ावे से जुड़ी घटनाओं के बाद देशभर के मंदिरों की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके विरोधी भी उन्हें बदनाम करने के लिए तरह तरह के षड्यंत्र रचते रहते हैं। ऐसे में मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट ने पारदर्शिता बनाए रखने और किसी भी प्रकार की शंका को समाप्त करने के लिए यह कदम उठाया है। उन्होंने कहा कि चंदा चोरी प्रकरण कारण पूरे सनातन धर्म और मंदिर व्यवस्थाओं को बदनाम करने का प्रयास किया जाता है। कई बार चोरी जैसी घटनाएं छोटे कर्मचारी करते हैं, लेकिन उंगली बड़े पदों पर बैठे लोगों और मंदिर प्रबंधन पर उठाई जाती है। इसी सोच के साथ यह निर्णय लिया गया है कि मंदिर में सेवा देने वाले पुजारी और कर्मचारी बिना जेब वाले कुर्ते पहनेंगे, जिससे चढ़ावे को जेब में रखने जैसी आशंकाएं खुद ही समाप्त हो जाएंगी। श्रद्धालुओं का विश्वास और मजबूत होगा। श्रीमहंत रविंद्रपुरी ने कहा कि मंदिरों की गरिमा और श्रद्धालुओं की आस्था सर्वोपरि है। ट्रस्ट का प्रयास है कि मंदिर की प्रत्येक व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी रहे। इसके लिए यह भी निर्णय लिया गया कि कोई भी पुजारी और कर्मचारी चोरी करता हुआ पाया गया, तो उसके खिलाफ सीधा मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
श्रद्धालुओं ने स्वागत किया: मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं ने भी ट्रस्ट के इस निर्णय का स्वागत किया। उनका कहना था कि यह पहल मंदिर प्रशासन की ईमानदारी को दर्शाती है। श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई कि अन्य बड़े धार्मिक स्थलों पर भी इस तरह की व्यवस्था लागू की जाएगी, जिससे चढ़ावे के प्रबंधन को लेकर किसी प्रकार की शंका न रहे और लोगों का विश्वास धार्मिक संस्थाओं में और अधिक मजबूत हो। इंदौर से आए श्रद्धालु प्रमोद कुमार दूबे ने बताया कि देश में उन्होंने कई मंदिरों के दर्शन किए लेकिन ऐसी व्यवस्था उन्होंने पहली बार देखी है। निश्चित रूप से इस शुरुआत से श्रद्धालुओं के अंदर विश्वास बढ़ेगा.
तीन साल पुराने वीडियो से फिर गरमाई मनसा देवी मंदिर की दान व्यवस्था पर बहस
हरिद्वार । मनसा देवी मंदिर की दान व्यवस्था से जुड़ा करीब तीन साल पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर फिर वायरल होने से पारदर्शिता को लेकर बहस तेज हो गई है। वीडियो में एक व्यक्ति कुर्ते की जेब में पैसे रखते दिखाई दे रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। मंदिर के प्रमुख श्रीमहंत रविंद्र पुरी ने वीडियो को पुराना और सुनियोजित तरीके से दोबारा वायरल किया गया बताया। उन्होंने कहा कि दान व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पुजारियों और कर्मचारियों के नए कुर्तों में जेब नहीं रखी गई है। वीडियो में दिख रहे मंदिर प्रबंधक महेश दुबे ने भी वीडियो को अपना बताते हुए कहा कि यह करीब तीन वर्ष पुराना है और वीडियो को गलत संदर्भ में वायरल किया जा रहा है।
