हरेला पर देवकी लघु वाटिका पहुंचे राज्य मंत्री शंकर सिंह कोरंगा, ‘वृक्ष मित्र’ किशन सिंह मलड़ा के कार्यों की सराहना
बागेश्वर। हरेला पर्व के अवसर पर गुरुवार को उत्तराखंड सरकार के जलागम विभाग के उपाध्यक्ष (दर्जा राज्य मंत्री) शंकर सिंह कोरंगा ने मंडलसेरा स्थित देवकी लघु वाटिका एवं राष्ट्रीय कुमाउनी पुस्तकालय का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन के क्षेत्र में आजीवन समर्पित ‘वृक्ष मित्र’ किशन सिंह मलड़ा के जनहितकारी कार्यों की मुक्त कंठ से सराहना की।
राज्य मंत्री ने पौधालय से आमजन को निशुल्क पौध वितरण की व्यवस्था को सराहनीय बताते हुए इसे आगे बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। भ्रमण के दौरान उन्होंने वाटिका का अवलोकन किया, जहां देवकी देवी ने पुष्प एवं हरेला अर्पित कर उनका स्वागत किया तथा उन्हें सीलिंग और चंदन के पौधे भेंट किए।
मंत्री ने वाटिका में संचालित मुगा रेशम की खेती का भी निरीक्षण किया। साथ ही दुर्लभ प्रजाति की श्रेणी में पहुंच चुके सीलिंग महावृक्ष के संरक्षण को गंभीरता से लेते हुए संबंधित निदेशक को इसके संरक्षण के लिए शासकीय जिम्मेदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इस अवसर पर वाटिका समिति के सदस्यों ने परिसर की सुरक्षा के लिए मुख्य गेट, चबूतरे, चेतना कक्ष तथा पुस्तकालय भवन के निर्माण की मांग रखी। इस पर राज्य मंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम के अंत में वृक्ष मित्र किशन सिंह मलड़ा ने अपनी स्वलिखित पुस्तक राज्य मंत्री शंकर सिंह कोरंगा को भेंट की।
इस दौरान धीरेंद्र परिहार, डॉ. कमल कोरंगा, नवीन मेहरा, चंद्रेश कोरंगा, योगेश बिष्ट, सचिन, प्रशांत मलड़ा, भजन सिंह, रमेश चंद्र, रमेश पर्वतीय, राम सिंह, श्रीमती देवकी देवी, ममता देवी, पूर्व ग्राम प्रधान रमा देवी, मनीषा सहित अनेक लोग उपस्थित रहे।
