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November 5, 2026

पेपर लीक के बाद अब ई-20 ईंधन नीति के खिलाफ तहसीन पूनावाला का आंदोलन, 31 जुलाई को दिल्ली में गाड़ी मार्च-गांधी मार्च का ऐलान


नई दिल्ली । नीट पेपर लीक मामले को लेकर हुए आंदोलन के बाद अब टीम भारत के संस्थापक तहसीन पूनावाला ने ई-20 ईंधन नीति के विरोध में नया अभियान शुरू करने की घोषणा की है। उन्होंने 31 जुलाई को दिल्ली में गाड़ी मार्च-गांधी मार्च निकालने का ऐलान करते हुए केंद्र सरकार से ई-20 नीति की समीक्षा और इसमें बदलाव की मांग की है।
पूनावाला ने कहा कि प्रस्तावित मार्च इंडिया गेट से शुरू होकर संसद मार्ग तक जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी के कार्यालय और आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपनी कार और बाइक के साथ इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने आरोप लगाया कि ई-20 नीति को सही तरीके से लागू नहीं किया गया है और इससे कई वाहन मालिक प्रभावित हो रहे हैं। उनका कहना है कि उपभोक्ताओं को अपनी जरूरत के अनुसार ईंधन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए तथा नीति से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
तहसीन पूनावाला ने दावा किया कि नीति में आवश्यक सुधार किए जाएं तो लोगों को 80 से 90 रुपये प्रति लीटर की दर पर शुद्ध और बिना मिलावट वाला पेट्रोल उपलब्ध कराया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह आंदोलन केवल ईंधन की कीमतों का नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं के अधिकार, विकल्प और पारदर्शिता से जुड़ा मुद्दा है।
उन्होंने अपनी प्रमुख मांगों में ई-10 वाहनों के लिए ई-10 पेट्रोल की उपलब्धता सुनिश्चित करने, ई-20 पेट्रोल की कीमतों में कमी, शुद्ध (ई-0) पेट्रोल को सस्ता करने, ई-20 नीति से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक करने तथा वर्ष 2023 से पहले निर्मित उन वाहनों के लिए समाधान की मांग शामिल की है, जिन पर ई-20 मिश्रित पेट्रोल का प्रभाव पड़ रहा है।
इसके अलावा पूनावाला ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर एथेनॉल से जुड़े मामलों में हितों के टकराव का भी आरोप लगाया। हालांकि, इस आरोप पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आई थी

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