पेड़ों को बांधा रक्षा सूत्र, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प
रक्षाबंधन पर्व पर रेडक्रॉस समिति ने स्वर्गाश्रम में किया वृहद पौधारोपण, राखी निर्माण प्रतियोगिता में दिखी रचनात्मकता
बागेश्वर। रक्षाबंधन पर्व को भाई-बहन के स्नेह और रक्षा के संकल्प तक सीमित न रखते हुए पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से भारतीय रेडक्रॉस समिति की ओर से स्वर्गाश्रम में वृहद पौधारोपण एवं राखी निर्माण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रकृति और मानव के बीच रिश्ते को मजबूत करने का संदेश देते हुए विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे गए। इसके बाद इन पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनके संरक्षण और संवर्धन का संकल्प लिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी अपूर्वा पांडे, भारतीय रेडक्रॉस समिति के चेयरमैन इंद्र सिंह फर्स्वाण एवं वृक्ष पुरुष किशन सिंह मलड़ा ने संयुक्त रूप से किया। अतिथियों ने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने भी पौधों को रक्षा सूत्र बांधते हुए उनकी नियमित देखभाल और सुरक्षा का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि रक्षाबंधन केवल मानव रिश्तों में रक्षा के वचन का पर्व नहीं है, बल्कि इसे प्रकृति की रक्षा से जोड़कर समाज को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा सकता है। जिस प्रकार भाई-बहन एक-दूसरे की रक्षा का संकल्प लेते हैं, उसी भावना के साथ प्रत्येक व्यक्ति को पेड़-पौधों की रक्षा और संवर्धन का जिम्मा उठाना चाहिए। पेड़ हमारे जीवन के आधार हैं और इनके संरक्षण के बिना स्वस्थ एवं सुरक्षित भविष्य की कल्पना संभव नहीं है।
पौधों को राखी बांधकर दिया अनूठा संदेश
पौधारोपण के बाद विभिन्न प्रजातियों के पौधों को रक्षा सूत्र बांधा गया। इस पहल के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि पौधारोपण करना जितना जरूरी है, उससे कहीं अधिक जरूरी लगाए गए पौधों का संरक्षण करना है। अक्सर पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल नहीं हो पाती, जिसके कारण वे सूख जाते हैं। ऐसे में पौधों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी जिम्मेदारी लेने की पहल लोगों के लिए प्रेरणादायी रही।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने संकल्प लिया कि लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल की जाएगी और उन्हें सुरक्षित एवं विकसित होने तक संरक्षण प्रदान किया जाएगा। साथ ही आसपास के लोगों को भी अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल के लिए प्रेरित किया जाएगा।
राखी निर्माण प्रतियोगिता में दिखी प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान राखी निर्माण प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने पर्यावरण संरक्षण की थीम पर आकर्षक एवं रचनात्मक राखियां तैयार कीं। प्राकृतिक एवं पर्यावरण अनुकूल सामग्री का उपयोग करते हुए बनाई गई राखियों के माध्यम से प्रतिभागियों ने प्रकृति प्रेम और पर्यावरण बचाने का संदेश दिया।
प्रतियोगिता में बच्चों और अन्य प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रंग-बिरंगी और आकर्षक राखियों के साथ पर्यावरण संरक्षण से जुड़े संदेशों ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया। प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना करते हुए आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां बच्चों और युवाओं में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
रक्षाबंधन को पर्यावरण से जोड़ने की पहल बनी आकर्षण
स्वर्गाश्रम में आयोजित इस कार्यक्रम ने रक्षाबंधन पर्व को एक नई सोच और सामाजिक सरोकार से जोड़ने का काम किया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि प्रकृति भी हमारी जिम्मेदारी है और पेड़-पौधे हमारे जीवन के सच्चे रक्षक हैं। यदि आज हम पेड़ों की रक्षा करेंगे तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा, बेहतर पर्यावरण और सुरक्षित भविष्य मिल सकेगा।
रेडक्रॉस समिति की इस पहल की उपस्थित लोगों ने सराहना की। कार्यक्रम में पौधारोपण के साथ पौधों के संरक्षण का संकल्प लेकर यह संदेश दिया गया कि राखी का धागा केवल रिश्तों की रक्षा का प्रतीक नहीं, बल्कि प्रकृति की रक्षा का संकल्प भी बन सकता है।
