September 2, 2026

औद्योगिक निवेश और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर, बागेश्वर में होगा बायर-सेलर मीट

जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में जिला उद्योग मित्र समिति एवं जिला स्तरीय निर्यात समिति की बैठक, लंबित आवेदनों के समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

बागेश्वर। जनपद में औद्योगिक विकास को गति देने, स्थानीय स्तर पर निवेश को बढ़ावा देने और पर्वतीय उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला सभागार में जिला उद्योग मित्र समिति एवं जिला स्तरीय निर्यात समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने की। बैठक में औद्योगिक गतिविधियों, उद्यमियों से जुड़े लंबित प्रकरणों, निर्यात की संभावनाओं तथा स्थानीय उत्पादों की मार्केटिंग को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक की शुरुआत जिला उद्योग मित्र समिति से संबंधित विभिन्न प्रकरणों और पूर्व में जारी निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा से हुई। जिलाधिकारी ने उत्तराखंड एकल खिड़की सुगमता एवं अनुज्ञापन नियमावली के तहत जिला प्राधिकृत समिति के निर्णयों, विचारार्थ प्राप्त आवेदनों तथा सैद्धांतिक स्वीकृति से जुड़े मामलों की जानकारी ली।

लंबित आवेदनों पर डीएम ने मांगा जवाब

जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों में सैद्धांतिक स्वीकृति के लिए लंबित आवेदनों की विभागवार समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से लंबित प्रकरणों की वर्तमान स्थिति और उनके निस्तारण में हो रही देरी के कारणों की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अनावश्यक रूप से किसी भी आवेदन को लंबित न रखा जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर मामलों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभागीय स्तर पर बेहतर समन्वय और त्वरित कार्यवाही आवश्यक है। उद्यमियों को सरकारी योजनाओं और स्वीकृति प्रक्रियाओं में अनावश्यक परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग अपनी जिम्मेदारी का गंभीरता से निर्वहन करें।

लघु एवं मध्यम उद्यम नीति का लाभ पात्र उद्यमियों तक पहुंचाने के निर्देश

बैठक में लघु एवं मध्यम उद्यम नीति के विभिन्न प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को नीति एवं सरकार की विभिन्न योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए, ताकि जनपद के अधिक से अधिक पात्र उद्यमी इनका लाभ उठा सकें।

उन्होंने कहा कि पर्वतीय जनपदों में छोटे और मध्यम स्तर के उद्यम स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के महत्वपूर्ण साधन बन सकते हैं। ऐसे में उद्यमियों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन और सहयोग भी दिया जाना चाहिए।

कीवी, ट्राउट, मसाले और कुटकी जैसे उत्पादों के निर्यात की संभावनाएं तलाशी गईं

जिला स्तरीय निर्यात समिति की बैठक में जनपद के संभावित निर्यात उत्पादों और उनके लिए उपलब्ध बाजार की संभावनाओं पर विशेष चर्चा हुई। बैठक में कीवी, ट्राउट, मसाले, कुटकी सहित अन्य स्थानीय एवं पर्वतीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।

अधिकारियों एवं उद्यमियों ने इन उत्पादों की गुणवत्ता, पैकेजिंग, सुरक्षित भंडारण, बाजार की मांग और विपणन व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत पर चर्चा की। स्थानीय उत्पादों को लंबे समय तक सुरक्षित रखने तथा उनकी गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं के विकास की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।

उत्पादकों और खरीदारों को सीधे जोड़ने के लिए बायर-सेलर मीट

जिलाधिकारी ने किसानों, स्थानीय उत्पादकों और उद्यमियों को सीधे बाजार से जोड़ने के लिए जनपद में बायर-सेलर मीट आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसा प्रभावी मंच तैयार किया जाए, जहां उत्पादक और खरीदार आमने-सामने संवाद कर सकें।

उन्होंने कहा कि बाजार की वास्तविक मांग की जानकारी उत्पादकों तक पहुंचने से वे उसी के अनुरूप उत्पादन, गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन की रणनीति तैयार कर सकेंगे। इससे बिचौलियों पर निर्भरता कम करने, स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने और उत्पादकों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

पर्यटन के लिए प्रशिक्षित गाइड तैयार करने की पहल

बैठक में जनपद के पर्यटन विकास पर भी चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने बागेश्वर में पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए प्रशिक्षित पर्यटन गाइड विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को गाइड विकास से संबंधित नीति एवं प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि जनपद के प्राकृतिक, धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों की जानकारी रखने वाले प्रशिक्षित स्थानीय गाइड पर्यटकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी पैदा कर सकते हैं।

तीन दिन में अनुपालन आख्या देने के निर्देश

जिलाधिकारी ने बैठक में दिए गए निर्देशों और लंबित प्रकरणों के संबंध में सभी संबंधित विभागों को तीन दिवस के भीतर अनुपालन आख्या उपलब्ध कराने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक निवेश और निर्यात गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।

उन्होंने स्पष्ट किया कि लंबित मामलों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए और उद्यमियों से संबंधित प्रक्रियाओं में अनावश्यक देरी न हो। स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के लिए उत्पादन से लेकर भंडारण, गुणवत्ता, पैकेजिंग, परिवहन और विपणन तक की व्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

अनुपस्थित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस

बैठक में जिला पर्यटन विकास अधिकारी के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार, अपर जिलाधिकारी एन.एस. नबियाल, महाप्रबंधक उद्योग अमित सिंह रावत, कोषाधिकारी आकाश रघुवंशी सहित नरेंद्र खेतवाल, सुरेश खेतवाल, थिरिश कपूर, विभिन्न उद्यमी तथा संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

कुल मिलाकर बैठक में बागेश्वर के स्थानीय उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने, निर्यात की संभावनाओं को बढ़ाने, नए निवेश को प्रोत्साहित करने और उद्यमियों की समस्याओं का समयबद्ध समाधान करने की दिशा में ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया।