September 1, 2026

गरुड़ तहसील दिवस में मिलीं महज पांच शिकायतें, विभागों से समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

गरुड़ तहसील दिवस में मिलीं महज पांच शिकायतें, विभागों से समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

व्यापक प्रचार-प्रसार के बावजूद कम संख्या में पहुंचे फरियादी

गरुड़, बागेश्वर। तहसील सभागार गरुड़ में मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस में क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याएं अधिकारियों के सामने रखी गईं। प्रशासन की ओर से तहसील दिवस से एक दिन पूर्व व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया था। समाचार पत्रों के माध्यम से भी क्षेत्रवासियों को कार्यक्रम की जानकारी दी गई थी, ताकि लोग अपनी समस्याओं को सीधे अधिकारियों के समक्ष रखकर उनका समाधान करा सकें। इसके बावजूद तहसील दिवस में कुल पांच शिकायतें ही प्राप्त हुईं।

तहसील दिवस में प्राप्त शिकायतों में जल निगम से संबंधित समस्याओं की संख्या सबसे अधिक रही। इसके अलावा लोक निर्माण विभाग (PWD), जल संस्थान समेत अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं भी सामने आईं। ग्रामीणों ने सड़क, पेयजल और जनसुविधाओं से संबंधित परेशानियां अधिकारियों के समक्ष रखीं।

बिनातोली मोटर मार्ग के मुआवजे का मामला उठा

तहसील दिवस में बिनातोली मोटर मार्ग का मुआवजा नहीं मिलने का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया। प्रभावित लोगों की ओर से लंबे समय से मुआवजा दिए जाने की मांग की जा रही है। इस संबंध में अधिकारियों के समक्ष समस्या रखते हुए आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई।

वहीं, क्षेत्र में जंगली जानवरों के बढ़ते आतंक और उससे ग्रामीणों को हो रही परेशानी का मुद्दा भी अधिकारियों के सामने रखा गया। ग्रामीण क्षेत्रों में जंगली जानवरों से फसलों को नुकसान पहुंचने और लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। ग्रामीणों ने इस समस्या के समाधान के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।

अस्पताल की समस्या और जन्म प्रमाण पत्र की जटिलता भी उठी

तहसील दिवस में स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी गई। अस्पताल से जुड़ी समस्या तथा जन्म प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही जटिलताओं का मुद्दा अधिवक्ता गिरीश कोरंगा ने उठाया। उन्होंने संबंधित समस्याओं के समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि आम लोगों को आवश्यक प्रमाण पत्र और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

अधिकारियों ने विभागों को दिए कार्रवाई के निर्देश

तहसील दिवस में अधिकारियों ने प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में लापरवाही न बरती जाए और संबंधित मामलों में नियमानुसार समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

कार्यक्रम में तहसीलदार निशा रानी और उपजिलाधिकारी वैभव कांडपाल की देखरेख में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनी गईं। संबंधित विभागों के अधिकारियों ने भी शिकायतों को दर्ज करते हुए उनके समाधान की दिशा में आवश्यक प्रक्रिया शुरू करने का भरोसा दिलाया।

कम शिकायतें मिलने को प्रशासन मान रहा सकारात्मक संकेत

तहसील दिवस में केवल पांच शिकायतें मिलने को प्रशासन की ओर से सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि गरुड़ तहसील क्षेत्र में जनसमस्याओं से संबंधित शिकायतों का बोझ पहले की अपेक्षा कम हुआ है। साथ ही, अधिकारियों की ओर से जनता के बीच पहुंचकर समस्याएं सुनने और संबंधित विभागों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाने से भी लोगों को राहत मिल रही है।

प्रशासन का प्रयास है कि लोगों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए तहसील और अन्य सरकारी कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए शिकायतों को संबंधित विभाग तक पहुंचाकर उनके समयबद्ध निस्तारण पर जोर दिया जा रहा है।

तहसील दिवस जैसे आयोजनों का उद्देश्य भी यही है कि आम जनता और प्रशासन के बीच सीधा संवाद स्थापित हो। अधिकारी मौके पर लोगों की समस्याएं सुनें, संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपें और शिकायतों के निस्तारण की प्रगति पर नजर रखें। गरुड़ में आयोजित तहसील दिवस में शिकायतों की संख्या कम रही, लेकिन सामने आई समस्याओं में पेयजल, सड़क, मुआवजा, वन्यजीवों से सुरक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और जन्म प्रमाण पत्र जैसे सीधे तौर पर आम जनता से जुड़े मुद्दे शामिल रहे।