भू-स्खलन ने उजाड़ा परिवार: वड्यूड़ा में मां-बेटे और बेटी की मौत
अल्मोड़ा । लगातार हो रही बारिश के बीच सोमेश्वर तहसील के राजस्व क्षेत्र पातलीबगड़ स्थित ग्राम वड्यूड़ा में मंगलवार तड़के हुए भू-स्खलन ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पहाड़ी दरकने से भारी मलबा और चट्टानें मकान में घुस गईं, जिससे मां, बेटे और बेटी की मलबे में दबकर मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में मातम पसरा है, जबकि आसपास के करीब 10 मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। पुलिस के अनुसार सुबह 4:26 बजे डायल-112 पर सूचना मिली कि राजेन्द्र राम के मकान के पीछे भूस्खलन होने से मलबा घर में घुस गया है। सूचना मिलते ही पुलिस, एसडीआरएफ और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद मलबे में दबे तीनों शव बाहर निकाले गए और पोस्टमार्टम के लिए बेस चिकित्सालय अल्मोड़ा भेजे गए। हादसे में 42 वर्षीय प्रेमा देवी पत्नी राजेन्द्र राम, उनकी 19 वर्षीय पुत्री कल्पना आर्या और 18 वर्षीय पुत्र मनीष कुमार की मौत हो गई। तीनों की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर घोड़के ने बेस चिकित्सालय पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। बताया गया कि सोमवार रात भोजन के बाद परिवार के सदस्य अपने-अपने कमरों में सो गए थे। घर के बुजुर्ग गुलाब राम अलग कमरे में थे, जबकि उनकी बहू प्रेमा देवी और दोनों बच्चे दूसरे कमरे में सो रहे थे। रात करीब दो बजे घर के पीछे अचानक पहाड़ी दरक गई। तेज आवाज सुनकर गुलाब राम किसी तरह बाहर निकल आए, लेकिन इससे पहले कि वे परिवार के अन्य सदस्यों को सचेत कर पाते, मलबा और विशाल पत्थर मकान की दीवारें तोड़ते हुए कमरों में घुस गए और तीनों उसकी चपेट में आ गए। हादसे के बाद गुलाब राम ने ग्रामीणों को सूचना दी। ग्रामीणों ने तत्काल राहत कार्य शुरू करने का प्रयास किया, लेकिन भारी मलबे के कारण बचाव अभियान में कठिनाई आई। प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमों ने मौके पर पहुंचकर घंटों की मशक्कत के बाद तीनों शव बरामद किए। एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजन राजेन्द्र राम दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं। उन्हें घटना की सूचना दे दी गई है और वह अल्मोड़ा के लिए रवाना हो चुके हैं। जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी विनीत पाल ने बताया कि प्रभावित परिवार को नियमानुसार आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रशासन के अनुसार भू-स्खलन के बाद गांव के करीब 10 अन्य मकान भी खतरे की जद में आ गए हैं। एहतियात के तौर पर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जा रही है।
