September 9, 2026

गरुड़ तहसील में श्रम विभाग की उप शाखा खोलने की मांग तेज, श्रमिकों को बागेश्वर के चक्कर से मिलेगी राहत

उत्तराखंड क्रांति दल ने मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री, सचिव और जिलाधिकारी को भेजा पत्र, स्थायी कार्यालय तक नियमित कैंप लगाने की मांग

गरुड़ (बागेश्वर)। तहसील गरुड़ क्षेत्र में बड़ी संख्या में निर्माण कार्यों एवं अन्य असंगठित क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों को श्रम विभाग से संबंधित कार्यों के लिए जिला मुख्यालय बागेश्वर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। श्रमिकों की इस समस्या को गंभीरता से उठाते हुए उत्तराखंड क्रांति दल के ब्लॉक अध्यक्ष गिरीश कोरंगा (एडवोकेट) ने गरुड़ तहसील में श्रम विभाग की स्थायी शाखा/उप कार्यालय अथवा नियमित कैंप कार्यालय स्थापित किए जाने की मांग की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री, श्रम मंत्री, श्रम विभाग के सचिव तथा जिलाधिकारी बागेश्वर को पत्र भेजकर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।

पत्र में कहा गया है कि तहसील गरुड़ जनपद बागेश्वर का महत्वपूर्ण एवं विस्तृत क्षेत्र है, जिसके अंतर्गत बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं दूरस्थ गांव आते हैं। इन क्षेत्रों में भवन एवं अन्य निर्माण कार्यों में लगे श्रमिकों के साथ-साथ असंगठित क्षेत्र के अनेक श्रमिक एवं कामगार निवास करते हैं। श्रमिक सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के वास्तविक हकदार हैं, लेकिन स्थानीय स्तर पर श्रम विभाग की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें विभागीय कार्यों के लिए जिला मुख्यालय बागेश्वर जाना पड़ता है।

पंजीकरण से लेकर योजनाओं के लाभ तक के लिए जाना पड़ता है बागेश्वर

श्रमिकों को पंजीकरण, नवीनीकरण, श्रमिक कार्ड से संबंधित कार्य, विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी तथा आवेदन के लिए बागेश्वर का रुख करना पड़ता है। पत्र में कहा गया है कि दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के श्रमिकों के लिए बागेश्वर तक आने-जाने में समय और धन दोनों खर्च होते हैं। दैनिक मजदूरी पर निर्भर श्रमिक के लिए विभागीय कार्य के सिलसिले में एक दिन काम से अनुपस्थित रहना भी आर्थिक नुकसान का कारण बनता है।

उत्तराखंड क्रांति दल ने कहा है कि वर्तमान व्यवस्था में स्थानीय स्तर पर श्रमिकों की शिकायतों एवं समस्याओं के समाधान के लिए भी कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं है। इसके चलते निर्माण श्रमिकों तथा असंगठित क्षेत्र के कामगारों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सात सूत्रीय मांगों पर तत्काल कार्रवाई का अनुरोध

संगठन की ओर से जनहित एवं श्रमिक हित में सात प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें तहसील गरुड़ में श्रम विभाग की स्थायी शाखा/उप कार्यालय स्थापित करना प्रमुख है। साथ ही स्थायी कार्यालय की स्वीकृति होने तक गरुड़ तहसील में श्रम विभाग का नियमित साप्ताहिक कैंप लगाए जाने की मांग की गई है।

पत्र में मांग की गई है कि कैंप में श्रमिकों के पंजीकरण, नवीनीकरण एवं श्रमिक कार्ड से संबंधित सभी कार्यों की सुविधा उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा श्रमिकों को उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड तथा अन्य संबंधित कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और आवेदन की सुविधा तहसील स्तर पर ही उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

गांवों में जागरूकता और पंजीकरण शिविर लगाने की मांग

संगठन ने गरुड़ तहसील के ग्रामीण क्षेत्रों में समय-समय पर श्रमिकों के लिए जागरूकता एवं पंजीकरण शिविर आयोजित करने की मांग भी की है। इससे ऐसे श्रमिकों को सरकारी योजनाओं की जानकारी मिल सकेगी, जो जानकारी या आर्थिक एवं भौगोलिक कठिनाइयों के कारण योजनाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

श्रमिकों की शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण के लिए तहसील गरुड़ स्तर पर किसी अधिकारी अथवा कर्मचारी की जिम्मेदारी निर्धारित करने का सुझाव भी दिया गया है। इससे श्रमिकों को छोटी-छोटी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी।

उच्चाधिकारियों को प्रस्ताव मंगाकर प्रक्रिया शुरू करने की मांग

उत्तराखंड क्रांति दल ने श्रम विभाग के उच्चाधिकारियों से प्रस्ताव मंगाकर तहसील गरुड़ में स्थायी शाखा खोलने की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ करने की मांग की है। पत्र में कहा गया है कि गरुड़ क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, बड़ी आबादी, दूरस्थ गांवों और यहां कार्यरत श्रमिकों की संख्या को देखते हुए तहसील स्तर पर श्रम विभाग की व्यवस्था किया जाना जनहित में आवश्यक है।

संगठन ने शासन-प्रशासन से श्रमिकों की परेशानियों को ध्यान में रखते हुए स्थायी उप कार्यालय की स्थापना होने तक नियमित कैंप कार्यालय शुरू करने की दिशा में शीघ्र कार्रवाई की अपेक्षा की है।

बागेश्वर जाने का खर्च भी बन रहा बड़ी बाधा

पत्र में श्रमिकों की सबसे बड़ी समस्या के रूप में जिला मुख्यालय तक पहुंचने की कठिनाई को रेखांकित किया गया है। गरुड़ तहसील के दूरस्थ गांवों से बागेश्वर पहुंचने में श्रमिकों को लंबी दूरी तय करने के साथ ही आने-जाने का खर्च उठाना पड़ता है। दैनिक मजदूरी पर निर्भर श्रमिक के लिए यात्रा के साथ एक दिन की मजदूरी का नुकसान भी जुड़ जाता है।

ऐसे में यदि गरुड़ में श्रम विभाग का उप कार्यालय अथवा नियमित कैंप कार्यालय शुरू होता है तो श्रमिकों का समय, यात्रा खर्च और मजदूरी का नुकसान बच सकता है, वहीं सरकारी योजनाओं की जानकारी एवं उनका लाभ स्थानीय स्तर पर अधिक प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सकेगा।

उत्तराखंड क्रांति दल ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि मामले को केवल पत्राचार तक सीमित न रखते हुए गरुड़ तहसील में श्रम विभाग की स्थानीय व्यवस्था स्थापित करने के लिए जल्द निर्णय लिया जाए, ताकि क्षेत्र के निर्माण श्रमिकों और असंगठित कामगारों को अपने अधिकार एवं सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।