मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं के निर्माण को कदली वृक्षों को दिया आमंत्रण
अल्मोड़ा । ऐतिहासिक नंदादेवी मेले में मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं के निर्माण की परंपरा के तहत गुरुवार को कदली वृक्षों को आमंत्रण देने की रस्म पूरी की गई। नंदादेवी मंदिर परिसर से नंदादेवी मंदिर समिति के सदस्य और बड़ी संख्या में श्रद्धालु पांडेखोला पहुंचे, जहां पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ कदली वृक्षों की पूजा-अर्चना कर उन्हें मंदिर आने का निमंत्रण दिया गया। श्रद्धालुओं ने मां नंदादेवी से क्षेत्र और प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की। मंदिर समिति के अनुसार शुक्रवार सुबह छह बजे कदली वृक्षों को पांडेखोला से नंदादेवी मंदिर परिसर लाया जाएगा। पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होने वाली शोभायात्रा में श्रद्धालु शामिल होंगे। कदली वृक्षों के मंदिर परिसर पहुंचने के बाद चंद वंशज उनकी पूजा करेंगे और स्थानीय कलाकार इन्हीं वृक्षों से मां नंदा-सुनंदा की प्रतिमाओं का निर्माण करेंगे। इसके बाद पूजा-अनुष्ठान और प्राण प्रतिष्ठा की रस्म पूरी की जाएगी तथा श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोलकर दर्शन शुरू कराए जाएंगे। महाष्टमी के अवसर पर चंद वंशज परिवार और राज परिवार की ओर से परंपरागत पूजा की जाएगी। इसके बाद धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला जारी रहेगा और 23 सितंबर को मां नंदा-सुनंदा के डोले की शोभायात्रा निकाली जाएगी। कदली वृक्षों को निमंत्रण देने पहुंचे दल में पंडित तारा चंद्र जोशी, पंडित प्रमोद पाठक, पंडित शेखर चंद्र मिश्रा, पंडित विनोद जोशी, राजपुरोहित नागेश पंत, हरीश पंत, व्यवस्थापक नरेंद्र वर्मा मुन्ना, मेयर अजय वर्मा, दर्जा मंत्री गंगा बिष्ट, सचिव मनोज सनवाल, पार्षद अमित साह मोनू, मुख्य सांस्कृतिक संयोजक अर्जुन बिष्ट चीमा, पार्षद अभिषेक जोशी, पार्षद कमलेश मेर, संजय साह, हरीश बिष्ट, हेमलता वर्मा, गीता मेहरा, किरण साह, रजनी पंत, दीपा पांडे, बीना नयाल, अंजू बिष्ट और पूनम त्रिपाठी सहित दर्जनों श्रद्धालु शामिल रहे। कदली वृक्षों की पूजा में मनीष पाठक, हेमलता पाठक, जगदीश उपाध्याय और भगवती उपाध्याय भी शामिल रहे।
