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November 5, 2026

सरस मेले का भव्य समापन, 35 स्टॉलों पर दिखी ग्रामीण उत्पादों की झलक

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को मिला बाजार, स्वरोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश

बागेश्वर। नुमाइशखेत मैदान में तीन नवंबर से आयोजित तीन दिवसीय सरस मेले का बुधवार को उत्साहपूर्ण माहौल में समापन हो गया। मेले में ग्रामीण उत्पादों, पारंपरिक हस्तशिल्प और स्थानीय कला की आकर्षक झलक देखने को मिली। 35 स्टॉलों के माध्यम से विभिन्न विभागों एवं स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री कर ग्रामीण आजीविका की संभावनाओं को सामने रखा।

समापन समारोह में मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने कहा कि सरस मेला ग्रामीण महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और उनके उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने का सशक्त माध्यम है। ऐसे आयोजनों से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलता है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को संगठित कर उनकी आजीविका के साधनों को मजबूत बनाना है। महिलाएं स्थानीय संसाधनों का उपयोग कर गुणवत्तापूर्ण उत्पाद तैयार कर रही हैं। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर अपने कारोबार को आगे बढ़ाने और लखपति दीदी बनने के लक्ष्य को हासिल करने का आह्वान किया।

ग्राम्य विकास विभाग की ओर से आयोजित इस मेले में उद्योग, कृषि, उद्यान, ग्रामोत्थान, मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना तथा स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने कुल 35 स्टॉलों के माध्यम से अपने उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय किया। स्थानीय उत्पादों के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की पारंपरिक कला और हस्तशिल्प मेले के प्रमुख आकर्षण रहे।

मेले के दौरान महिलाओं की प्रतिभा और सांस्कृतिक विरासत को मंच देने के लिए लोकगीत, लोकनृत्य, मेहंदी और एपण प्रतियोगिताओं सहित विभिन्न सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियां आयोजित की गईं। वहीं, बायर-सेलर मीट के जरिए महिला समूहों को संभावित खरीदारों से जोड़ने और उनके उत्पादों के विपणन के नए अवसर उपलब्ध कराने की पहल भी की गई।

मुख्य विकास अधिकारी नरेश कुमार ने मेले के सफल आयोजन के लिए संबंधित विभागों, स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं और प्रतिभागियों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने और उनकी आजीविका को मजबूत बनाने के प्रयास जारी रहेंगे।

इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण की परियोजना निदेशक संगीता आर्या, जिला उद्यान अधिकारी कुलदीप जोशी, जिला परियोजना प्रबंधक रीप मोहम्मद आरिफ, जिला आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी डॉ. निष्ठा शर्मा कोहली, जिला होम्योपैथिक अधिकारी डॉ. शिखा सम्मल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

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