जिस्मफरोशी में संलिप्त छह महिलाएं और तीन पुरुषों को रंगेहाथ पकड़ा
ऋषिकेश, ( आखरीआंख ) ऋषिकेश की मुनिकीरेती पुलिस ने जिस्मफरोशी में संलिप्त छह महिलाओं सहित चार पुरुषों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है। ये काला कारोबार तपोवन स्थित एक होटल से संचालित हो रहा था। पुलिस के अनुसार तपोवन स्थित एक होटल में जिस्मफरोशी के कारोबार की सूचना एक महिला की ओर से दी गई। इसके बाद पुलिस क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह जिमिवाल के नेतृत्व में थानाध्यक्ष आरके सकलानी ने पुलिस टीम के साथ होटल में सोमवार की देर रात दबिश की।
यहां छह महिलाएं और तीन पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। पुलिस ने सभी नौ महिला-पुरुष समेत होटल संचालक को देह व्यापार अधिनियम में गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपियों में से एक शाहनूर नामक व्यक्ति आपराधिक पृष्ठभूमि का है। उस पर थाना मुजफ्फरनगर में वर्ष 2018 में शस्त्र अधिनियम में मुकदमा पंजीकृत है। पुलिस अन्य आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है। पुलिस ने जिन लोगों को गिरफ्तार किया है उनमें ज्यादातर पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ताल्लुक रखते हैं। कुछ लोग पश्चिम बंगाल से भी जुड़े हैं। पुलिस क्षेत्राधिकारी उत्तम सिंह जिमिवाल ने बताया कि गैंग की मुखिया एक महिला है। उसके पति की मौत के बाद उसने एक मुस्लिम युवक से शादी कर ली। दोनों मुजफ्फरनगर में वर्ष 2008 से देह व्यापार में संलिप्त थे। दोनों ने चार माह पूर्व ही ऋषिकेश में एक फ्लैट किराए पर लिया था। सेक्स रैकेट की संचालिका से होटल के संचालक की मुलाकात मुजफ्फरनगर में हुई थी। इसी के बाद तीर्थनगरी में कालाकारोबार संचालित करने की योजना बनी। सीओ उत्तम सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान सरगना और उसके पति ने बताया कि जस्ट डायल ऐप के जरिए वे ग्राहकों की तलाश किया करते थे। गैंग मुखिया ग्राहकों को संपर्क में आने के बाद तवोपन क्षेत्र के होटलों में कमरा किराए पर लेने को कहती थी। इसके बाद पति ग्राहकों से रकम वसूल कर होटल में ग्राहकों की पसंद के मुताबिक महिलाओं को भेजता था। मोबाइल फोन पर लड़कियों के फोटो भेजकर पसंद छांटी जाती थी। थानाध्यक्ष आरके सकलानी ने बताया कि जिस्मफरोशी में संलिप्त महिलाएं पूरी रात होटल में बिताने के पांच से सात हजार रुपए वूसल करती थीं। गैंग की सरगना ग्राहकों से दोगुनी कीमत वसूला करते थे। उसमें से तय कीमत के मुताबिक महिलाओं को उनका हिस्सा दे दिया जाता था। महिलाएं एक घंटे के लिए एक हजार रुपए वसूलती थीं। पुलिस के अनुसार पकड़े गए लोगों में दो दंपत्ति ऐसे भी हैं जो आपसी सहमति से जिस्मफरोशी के धंधे में लिप्त थे। गैंग की मुखिया ने सभी महिलाओं की पहचान छुपाने के लिए फर्जी पहचान पत्र उपलब्ध कराया था। इन फर्जी पहचान पत्रों के आधार पर यह महिलाएं होटल में कमरा किराए पर लेती थीं।
