देसंविवि व लिथुआनिया के कोलेपेडा विवि के बीच हुआ समझौता
हरिद्वार, ( आखरीआंख ) विश्व के नक्शे पर बाल्टिक क्षेत्र के नाम से पहचाने जाने वाले यूरोपीय देश लिथुआनिया के प्रसिद्ध कोलेपेडा विश्वविद्यालय और देव संस्कृति विश्वविद्यालय हरिद्वार के बीच शैक्षणिक आदान-प्रदान पर समझौता हुआ। इस हेतु देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या इन दिनों लिथुआनिया की यात्रा पर हैं। वे इस विषय को लेकर यहाँ आज जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि एमओयू के समय लिथुआनिया के स्वास्थ्य मंत्री सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। योग एवं होलिस्टिक वेल विंग के अंतर्गत लिथुआनिया के 19 छात्र इस वर्ष देवसंस्कृति विश्वविद्यालय आयेंगे। उल्लेखनीय है कि विश्व का दूसरा और एशिया प्रथम बाल्टिक सेंटर देवसंस्कृति विश्वविद्यालय में स्थित है, जिसके अंतर्गत भारतीय संस्कृति की विचारधारा को बाल्टिक देशों के बीच आदान-प्रदान करने का महत्त्वपूर्ण कार्य चल रहा है। देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी के लिथुआनिया यात्रा के दौरान उन्होंने लिथुआनिया के जंगलों के बीच एक गौशाला और आश्रम का उद्घाटन भीकिया, जहाँ वैदिक अध्ययन गुरुकुल प्रारंभ किया जा रहा है। इसके अलावा भारतीय संस्कृति की माता सद्बुद्धि प्रदात्री माँ गायत्री व सदैव सत्कर्म की प्रेरणा देने वाले यज्ञ कोबाल्टिक देश एवं इटली, विलनियस में पहुँचाने में विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति का महत्त्वपूर्ण कार्य चल रहा है
