March 3, 2026

यात्रियों से ओवर रेट वसूलने पर पुलिस ने की कड़ी कार्रवाही , एक तीर्थ यात्री की मौत

रुद्रप्रयाग,  ( आखरीआंख )  केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर तीर्थ यात्रियों से निर्धारित दर से अधिक राशि वसूलने पर कड़ी कार्रवाही करते हुए 22 घोड़ा एवं खच्चर तथा चार डंड़ी व कंडी संचालकों का लाइसेंस जब्त कर निरस्त किया गया। यात्रियों से अधिक शुल्क वसूलने को लेकर पुलिस के छह सदस्यीय फ्लाइंग स्क्वाड़ पैदल मार्ग पर निरीक्षण कर रही है।
पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के निर्देशन में गठित फ्लाइंग स्क्वाड टीम ने पूरे केदारनाथ पैदल मार्ग पर निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पाया गौरीकुंड में घोड़ा-खच्चर संचालक यात्रियों से पैंसों को लेकर मोलभाव कर रह थे। इसी बीच टीम ने दस घोड़े व चार डंड़ी व कंडी संचालकों के लाइसेंस जब्त किए। इसके अलावा भीमबली व अन्य यात्रा मार्ग पर यात्रियों से निर्धारित दर से ज्यादा धनराशि वसूलने पर 12 घोड़ा एवं खच्चरों संचालकों व हॉकरों के लाइसेंस जब्त किए। जब्त किए गए लाइसेंसों को निरस्त किया गया। एसपी अयज सिंह ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़े एवं खच्चर व डंडी व कंडी संचालकों की ओवर रेटिंग पर नजर बनाए रखने के लिए को टीम का गठन किया गया है। जो आगे भी जारी रहेगा। कहा कि यदि किसी को कोई पेशानियां होती है तो वे सीधे पुलिस से संपर्क कर सकते है।
 वही एक समाचार के अनुसार  हैदराबाद से चारधाम यात्रा पर आये एक बुजुर्ग यात्री की गौरीकुंड में अचानक तबियत बिगड़ने से मौत हो गई। पुलिस ने शव का पंचनामा व पोस्टमार्टम कराने के बाद शव को परिजनों को सौंप दिया है।
केदारनाथ यात्रा पर आए 60 वर्षीय भंडारी शंकर पुत्र समलू निवासी 457/58 गायत्रीनगर गुड्डी मलकापूर थाना टपा चबूतरा हैदराबाद तेलंगना अपने छः सदस्यों के साथ गौरीकुंड के एक होटल में रूके थे। होटल में अचानक तबियत खराब होने लगी, तो वह होटल में ही रूक गए और उनके साथी केदारनाथ के लिए निकल गए। अचानक इनकी तबियत ज्यादा खराब होने लगी तो होटल मालिक नरोत्तम गोस्वामी पुलिस के माध्यम से डोली की व्यवस्था कर इनको गौरीकुंड चिकित्सालय ले आये, जहां डाक्टरों ने उनकी हालत गंभीर देखते हुए हाॅयर सेंटर रेफर किया। 108 सेवा के माध्यम से मरीज को राजकीय एलोपैथिक अस्पतल गुप्तकाशी लाया गया, जहां डॉक्टर्स ने मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस को उनके सामान के साथ मोबाइल मिला, जिस पर लॉक लगा था। उनके नंबर एक एक काल आई, जिसे नोट कर उस पर कॉल की गई। उनके भतीजे ने उनके साथी यात्रियों से संपर्क किया। जिसके बाद उनके साथी जिला चिकित्सालय पहुंचे। उनकी अनुमति के आधार पर शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम करवाया गया, जिसके बाद उनके बड़े भाई भंडारी सत्यनारायण को शव का सौंपा गया ।

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