आंगनबाडी कार्यकत्रियों ने स्मार्ट फोन योजना लागू करने का विरोध किया
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देहरादून, ( आखरीआंख ) उत्तरांचल आंगनबाडी कर्मचारी संघ ने स्मार्ट फोन योजना लागू करने का विरोध किया है। सोमवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश महामंत्री सुशीला खत्री ने कहा कि आंगनबाडी कार्यकत्रियों द्वारा प्रतिदिन छः से सात घण्टे कार्य किया जाता है लेकिन विभाग द्वारा मानदेय के रूप में एक छोटी सी धनराशी उपलब्ध करायी जाती है। आंगनबाडी कार्यकत्रियों द्वारा अपने नैतिक कार्यो के अतिरिक्त समय-समय पर आर्थिक गणना, जनगणना, बीएलओ सम्बन्धी कार्य, राशन कार्डो का सत्यापन आदि कार्य किये जाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार मानदेय बढाने के बजाय स्मार्ट फोन पकडा रही है जिसमें सभी अभिलेख दर्ज करना है जो कि अधिक आयु की महिलाओं तथा कम शिक्षित महिलाओं के लिये सम्भव नहीं है। सुशीला खत्री ने कहा कि स्मार्ट फोन योजना लागू करने से पहले सरकार आंगनबाडी कार्यकत्रियों के मानदेय में वृद्वि करे। ताकि उन्हें परिवार चलाने में आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पडे। स्मार्ट फोन पूर्ण रूप से निशुल्क उपलब्ध कराया जाये। उन्होंने कहा कि स्मार्ट फोन खराब होने पर विभाग द्वारा ही उसे ठीक कराया जाये। और स्मार्ट फोन के संचालन हेतु कम से कम दस दिवसीय प्रशिक्षण दिया जाये। उन्होंने कहा कि अगर सरकार इन मांगों को लेकर जल्द से जल्द कोई कार्यवाही नहीं करती है तो आंगबाडी कार्यकत्रियां उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। इस अवसर पर सुशीला खत्री, उषा रानी, राजेश्वरी रावत, सुधा शर्मा, सुचित्रा, भूरा जोशी, उषा थापा आदि उपस्थित रहे।
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