मुुख्य वन संरक्षक ने किया मेडिशनल प्लांट का निरीक्षण , उपप्रभागिय वनाधिकारी एस के काला ने दी विस्तृत जानकारी
विकासनग ( आखरीआंख ) चकराता वन प्रभाग के जंगलों का स्थलीय निरीक्षण करने पहुंचे मुय वन संरक्षक गढ़वाल ने देवबन मेडिसिनल प्लांट सहित कई नर्सरियों का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिनस्थ कर्मचारियों और अधिकारियों को आवश्यकत दिशा निर्देश भी दिये। मंगलवार सुबह गढ़वाल चीफ जेएस पांडेय ने चकराता प्रभाग के कनासर रेंज की देवबन जड़ी बूटी नर्सरी मेडिसिनल प्लांट का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने नर्सरी प्रभारी डिप्टी रेंजर कातकू राम से जड़ी-बूटियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। डिप्टी रेंजर ने थुनैर जैसी प्रजाति के बारे में गढ़वाल चीफ को अवगत कराया। बताया कि इस प्रजाति से कैंसर जैसे रोग की दवा बनाई जाती है। गढ़वाल चीफ ने मेडिसिनल प्लांट के लिए सिंचाई, पानी, कर्मचारियों के लिए रहने-ठहरने की सुविधा के प्रस्ताव भेजने के लिए डीएफओ को निर्देश भी दिये। इस दौरान उपप्रभागीय वनाधिकारी एसके काला ने वीट नर्सरी के बारे गढ़वाल चीफ को जानकारी दी। इसके बाद चीफ ने कनासर बीट, बुधेर बीट, बावर रेंज, भंदरौली बीट, दारागाड़ नर्सरी, देवघार रेंज, त्यूणी बीट, संग्रेड बीट, त्यूणी नर्सरी, खूनीगाड़ बीट आदि का निरीक्षण भी किया। साथ ही, त्यूणी गेस्ट हाउस में वन अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक भी ली। उन्होंने कर्मचारियों को सत निर्देश दिए कि जंगलों में अवैध पातन, अवैध वन्यजीव शिकार पर प्रभावी ढंग से रोक लगाने के साथ आग पर विशेष निगरानी रखें। कहा कि अवैध पातन, वन्य जीवों के शिकार या आगजनी की घटनाओं में सबन्धित वीट अधिकारी, वन दरोगा और क्षेत्राधिकारियों से जवाब मांगा जाएगा। इस मौके पर वन संरक्षक यमुना सर्किल जीवन चन्द्र जोशी, डीएफओ दीपचंद आर्य, उप प्रभागीय वनाधिकारी एसके काला, वन क्षेत्राधिकारी हरीश गैरोला, वन क्षेत्राधिकारी दिनेश नौटियाल, वन क्षेत्राधिकारी यशपाल राठौर, वन क्षेत्राधिकारी सते सिंह बिष्ट, डिप्टी रेंजर हरीश चौहान, कातकूराम, चतर सिंह चौहान, आरएस बेदी, सुधीर भट्ट, दिनेश पंवार, भगत सिंह राणा आदि मौजूद रहे।
