April 28, 2026

पीपुल्स फोरम के कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में किया धरना-प्रदर्शन

देहरादून( आखरीआंख )  हमारे देश की चुनाव प्रणाली में शामिल ईवीएम मशीन अतिआवश्यक अतिगोपनीय व विश्वनीय तकनीक के रूप में प्रस्तुत की गई है जबकि 2019 के लोकसभा चुनाव के अवधि में ईवीएम के उपयोग पर सवालिया निशान लगे हैं। बुद्ववार को पीपुल्स फोरम उत्तराखण्ड संगठन के कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क पर धरना-प्रदर्शन किया। उन्हांेने कहा कि लगभग 19 लाख ईवीएम के गायब होने की सुचना मीडिया के द्वारा मिली है जो कि लोकतंत्र के चुनावी पर्व के लिए अति चिंता का विषय है देश के कई राजनैतिक दलाकें ने भी ईवीएम के विरोध में आवाज उठाई है। ईवीएम का प्रयोग भारतीय चुनाव प्रक्रिया के लिए स्वच्छ मतदान हेतु लाया गया था परन्तु आज ईवीएम पर सवाल उठाये जाने लगे है। जो कि लोकतांत्रिक के लिये हानिकारक है। उन्होने कहा कि हमारे लोकतात्रिक देश में जहां चुनाव में जनता का बडा विश्वास है और लगातार मतदान प्रतिशत में बढोत्तरी हो रही है। यदि उसमें कोई संदेह पैदा होता है तो यह लोकतंत्र के लिए अत्यंत हानिकारक है। पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी व पूर्व चुनाव आयुक्त कुरेशी व सुप्रीम कोर्ट व पूर्व के 66 आईएएस अधिकारियों द्वारा भी देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों में खबर ईवीएम और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर प्रश्नचिन्ह लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से समस्त विश्व में चुनाव मतपत्रों से किये जाते है उसी प्रकार देश में लोकतंत्र में प्रति विश्वास को मजबूत करने के लिए अब समय आ गया है कि चुनाव में मतपत्रों द्वारा कराया जाय। इस अवसर पर धरने में हरजिंदर सिंह, जयकृत कंडवाल, महेश, जगदीश कुकरेती, प्रदीप डबराल, नरेंद्र पुण्डीर, भार्गव चंदोला, विजय पाहवा आदि उपस्थित रहे।