बागेश्वर में जल संरक्षण पर कार्यशाला आयोजित
बागेश्वर ( आखरीआंख ) जल संचय, संवर्द्धन एवं संरक्षण पर ब्लॉक सभागार बागेश्वर में जिला स्तरीय कार्यशाला को आयोजन किया गया। कार्यशाला में मौजूद लोगो ने लगातार घट रहे जलस्तर पर चिंता जाहिर करते हुए इसके दुष्परिणामों एवं बचाव के बारे में विस्तार से चर्चा की। कार्यशाला में उपस्थित विधायक बागेश्वर चंदन राम दास ने वहां मौजूद क्षेत्र के ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों व अन्य जनप्रतिनिधियों को सरकार द्वारा संचालित की जा रही योजनाओ के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए अपील की कि आने वाले समय में हमें जल त्रासदी से बचने के लिए अभी से ठोस एवं कारगर उपाय करने होगे, जिससे हमारी आगे आने वाली पीढी इसका शिकार न हो। साथ ही उन्होंने पूर्वजो से विरासत में मिले जल स्रोतो के संरक्षण व जीर्णोद्धार पर जोर देने की बात कही। उन्होंने कहा कि हम सभी लोगो को पानी के महत्व को समझना होगा तथा जल संचय, संवर्द्धन व संरक्षण पर मिल कर कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी एक टीम भावना से कार्य कर जल महत्व के इस अभियान में जिले में विशेष कार्य करने पर जोर दिया। कार्यशाला में उपस्थित अध्यक्ष जिला पंचायत बागेश्वर हरीश ऐठानी ने कहा कि इस कार्यशाला के माध्यम से प्राचीन जल स्रोतो के संरक्षण के लिए विशेष कार्य करने की आवश्यकता जतार्इ और वहां मौजूद जनप्रतिनिधियों से अपने-अपने ग्राम सभाओं में इस अभियान के तहत स्वालंबन बनने को कहा तभी इस अभियान की उपयोगिता सिद्ध होगी। कार्यशाला को ब्लॉक प्रमुख बागेश्वर गोपा धपोला द्वारा संबोधित करते हुए जल संचय, संवर्द्धन एवं संरक्षण विशेष बल देने की बात कही गयी।मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती ने वहां मौजूद लोगो से कहा कि मानसून अवधि प्रारम्भ होने वाला है इसलिए वर्षा के जल के संचय हेतु समस्त तैयारियां समय से पूर्ण कर लेनी आवश्यक है जिससे खेतों में मेंड बंदी, नदियों और धाराओं में चेंक डैम का निर्माण और तटबंधी, तालबों की खुदार्इ एवं सफार्इ, वृक्षारोपण, वर्षा जल के संचयन हेतु टांका, जलाशय आदि का बडी संख्या में निर्माण करने पर जोर दिया जाय, ताकि खेत का पानी खेत में और गांव का पानी गांवों में संचयित किया जा सकें। उन्होंने कहा कि ऐसा करने से न केवल पैदावार बढेगी बल्कि हमारे पास जल का बड़ा भंडार होगा जिसका हम अपने गांवा के कर्इ कार्यो मे सदपयोग कर पायेंगे। ग्राम सभाओं में बैठक बुलाकर जल संरक्षण पर मा0 प्रधानमंत्री के आये हुए पत्र को पढ कर बताएं और इन मुद्दों पर व्यापक विचार विमर्श करें। और कहा कि हम सब लोग मिल कर ग्रामीण स्तर पर जल की हर एक बूंद का संचयन करके अपने परिवेश को और परिष्कृत बनाएंगे। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार से स्वच्छता अभियान में व्यापक हिस्सेदारी करके इसे एक सफल जन आंदोलन बना दिया इसी प्रकार सभी लोग इस अभियान को भी एक जन आंदोलन का स्वरूप देकर इसे सफल बनायेंगे। कार्यशाल के प्रारम्भ में शिल्पी पंत परियोजना प्रबन्धक स्वजल/परियोजन निदेशक जिला ग्रामीण विकास अभिकरण द्वारा कार्यशालाओं के उद्देश्यों पर विस्तार पूर्वक जानकारी देते हुए मा0 प्रधानमंत्री भारत सरकार द्वारा प्रेषित पत्र का वाचन कर सभी उपस्थित प्रतिभागियों को प्रधानमंत्री द्वारा दिये गये संदेश को अपने-अपने ग्रम पंचायतों में वर्षा जल संग्रहण तथा ग्राम पंचायतों में अवस्थित जल स्रोतों के संरक्षण एवं संवर्द्धन के कार्य को प्रभावी ढंग के करने का आग्रह किया गया। कार्यशाला में ग्राम प्रधानो एवं जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने अनुभव एवं सुझाव साझा किये। कार्यक्रम के अंत में मा0 प्रधानमंत्री भारत सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों के नाम प्रेषित पत्र को उपस्थित ग्राम प्रधानों को वितरित किये। विकास खण्ड गरूड एवं कपकोट में भी जल संचय, संवर्द्धन एवं संरक्षण पर आधारित कार्यशाल का आयोजन कर मा0 प्रधानमंत्री भारत सरकार द्वारा ग्राम प्रधानों के नाम प्रेषित पत्र प्रेषित किये गयें। कार्यशाला में प्रभागीय वनाधिकारी बी0एस0शाही, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ0 उदय शंकर, परियोजना, कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास राजेन्द्र विष्ट, प्रबन्धक आजीविका धमेन्द्र पाण्डे सहित संबन्धित अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थें। कार्यक्रम का संचालन सामुदायिक विकास विशेषज्ञ स्वजल गिरिजा शंकर भट्ट द्वारा किया गया।
