कपकोट में ऐतिहासिक मॉ नन्दा भगवती सनेती कौथिक का समापन
बागेश्वर । ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक मॉ नन्दा भगवती सनेती कौथिक मेले का समापन कार्यक्रम में मा0 सांसद अजय टम्टा, क्षेत्रीय विधायक बलवन्त सिंह भौर्याल, विधायक बागेश्वर चन्दन राम दास, निवर्तमान अध्यक्ष जिला पंचायत हरीश ऐठानी एवं जिलाधिकारी रंजना राजगुरू द्वारा प्रतिभाग किया गया। समापन के इस अवसर पर मा0 सांसद अजय टम्टा ने अपने संबोधन में कहा कि पहाड़ के लोग कठिन जीवन जीने के बावजूद भी अपनी खेती बाड़ी के साथ साथ धार्मिक कार्यक्रमों में बढ़चढकर भाग लेते है। यह उनकी आस्था का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड की संस्कृति अन्य प्रदेशों से भिन्न है जो आस्था से जुडी है। इस ऐतिहासिक मेले को भव्य रूप से इसी प्रकार मनाया जायेगा। उन्होंने मंदिर में पूजा अर्चना कर देश व प्रदेश की खुशहाली की कामना की। सांस्कृतिक परम्पराओं को अक्षुण बनाये रखने के लिए मेले, त्यौहारों को बढ़ावा देना होगा।
माननीय विधायक कपकोट बलवन्त सिंह भौर्याल ने अपने संबोधन में कहा कि मेले ऐतिहासिक धार्मिक एवं सांस्कृतिक पहलूओं को न केवल बढ़ावा देते है बल्कि लोगों में परस्पर मेलजोल और सदभाव की भावना को भी बढ़ावा देते है। ये समाज में परस्पर भार्इ चारे का विकास करते हुए समाज की एकजूटता के साथ-साथ एक स्वस्थ राष्ट्र का भी निर्माण करते है। समापन के इस अवसर पर मा0 विधायक बागेश्वर चन्दन राम दास ने क्षेत्रीय जनता एवं मेलार्थियों को मॉ नन्दा भगवती सनेती कौथिक मेले में उपस्थित होने पर सभी को बधार्इ देते हुए उनके स्वस्थ एवं खुशहाल जीवन की कामना की।
जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने इस अवसर पर कहा कि मेले हमारी सामाजिक सांस्कृतिक विरासत की झलक दिखाते है जो हमारी विशिष्ठ पहचान है। उन्होंने कहा कि इन स्थानीय मेलों के माध्यम से जहॉ एक ओर लोगों को परस्पर एकजूट होकर एक दूसरे की सांस्कृतिक पहलूओं को जानने समझने का मौका मिलता है, वहीं दूसरी ओर इनके माध्यम से स्थानीय उत्पादों के लिए बाजार भी उपलब्ध होता है जिससे स्थानीय उत्पादों को एक विशिष्ठ पहचान भी मिलती है। उन्होंने कहा कि यह मेला झोड़े, चांचरी, भगनोल के प्रदर्शन के साथ साथ अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए पूरे उत्तराखण्ड में अपनी अलग पहचान रखता है। इस मेले से स्थानीय उत्पादों के साथ-साथ रिंगाल की बने चटार्इ, डलिया, सूपे, टोकरियॉ की बिक्री को भी बढावा मिलता है। उन्होंने कहा कि पहाड़ के विषम भौगोलिक पहलूओं के बावजूद भी जिस श्रद्धा व निष्ठा से मेलाथ्र्ाी मेलों में प्रतिभाग करते है वह उनकी श्रद्धा, लगन और निष्ठा को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन सदैव इस बात के लिए प्रयासरत है के जनपद में आयोजित होने वाले मेलों में सभी व्यवस्थायें आलादर्जे की हो एवं मेलार्थियों को किसी भी प्रकार की कोर्इ परेशानी न हो। उन्होंने मॉ नन्दा भगवती मंदिर में पूजा अर्चना कर प्रदेश की समस्त जनता की खुशहाली की कामना की। समापन के इस अवसर पर मेला कमेटी द्वारा जिलाधिकारी को प्रतीक चिन्ह देकर उनका स्वागत करते हुए उनके द्वारा की गयी उच्चकोटी की व्यवस्थाओं के लिए आभार व्यक्त किया।
इस अवसर पर निवर्तमान अध्यक्ष जिला पंचायत हरीश सिंह ऐठानी, पूर्व विधायक कपकोट ललित फस्र्वाण, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष विक्रम सिंह शाही, निवर्तमान ब्लाक प्रमुख कपकोट मनोहर राम, सामाजिक कार्यकर्ता संजय शाह जगाती, कुन्दन सिंह परिहार, दिनेश गढ़िया, पुलिस अधीक्षक प्रिति प्रियदर्शनी, मुख्य विकास अधिकारी एस.एस.एस.पांगती, अपर जिलाधिकारी राहुल कुमार गोयल, अधीक्षण अभियन्ता लोनिवि पी0एस0बृजवाल, उप जिलाधिकारी बागेश्वर राकेश चन्द्र तिवारी, काण्डा योगेन्द्र सिंह, जिला विकास अधिकारी के.एन.तिवारी, पुलिस उपाधीक्षक महेश जोशी, अधि0अभि0 जलसंस्थान एम.के.टम्टा, जिला पूर्ति अधिकारी अरूण कुमार वर्मा, अपर परियोजना निदेशक शिल्पी पन्त, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ उदय शंकर, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत अरूण वर्थवाल, तहसीलदार नवाजिश खलीक, मैनपाल सिंह सहित अन्य जनपदस्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य व्यक्ति आदि मौजूद थे।
