संघर्षों के सारथी जननेता स्व. शमशेर बिष्ट को श्रद्वांजलि दी
अल्मोड़ा। जननायक स्व. शमशेर की पहली पुण्य तिथि पर देश के विभिन्न हिस्सों से अल्मोड़ा पहुंचे सामजिक हस्तियों ने उन्हें भाववीन श्रद्वांजलि दी। रैमेजे इंटर कॉलेज में आयोजित समारोह में वक्ताओं ने जननायक, जन आंदोलनकारी स्व. बिष्ट के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया। रविवार को वक्ताओं ने कहा स्व. बिष्ट हमेशा जन संघर्षों, जन अधिकारों के लिए संघर्षरत रहते थे। उन्होंने उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न हिस्सों में हुए जनआंदोलन में प्रत्यक्ष रूप से भाग लिया। कहा अपने जीवन में उन्होंने हमेशा पर्वतीय क्षेत्र और यहां के लोगों के लिए संघर्ष किया। वो हमेशा न्याय के पक्ष में लड़ा करते थे। वो विचार वाद क्रांति के दूत थे। हमें उनके अधूरे सपनों को पूरा करने के लिए एकजुट होना पड़ेगा। जिससे हम उन्हें सची श्रद्वांजलि दे सकें। मुय वक्ता जाने माने अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने कहा स्व. डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट हमेशा समाज के न्याय और पर्यावरण जनहित के लिए सवाल उठाते थे। आज हमारे सामने कई चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा दुनिया के वनों पर छाएं संकट के चलते सांस लेना मुश्किल हो रहा है। इस मौके पर कुमार कलानंद मणि, जल पुरुष राजेंद्र सिंह, राधा बहन, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, इतिहासकार डॉ. शेखर पाठक, पूर्व विधान सभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल, पूर्व विधायक नारायण सिंह, पूर्व विधायक मनोज तिवारी, पूर्व विधायक पुष्पेश त्रिपाठी, पीसी तिवारी, राजा बहुगुणा ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का संचालन राजीव लोचन ने किया।
‘कपलेश भोज और ‘पहरू का शमशेर सिंह बिष्ट किताब का विमोचन
अल्मोड़ा। कार्यक्रम में डॉ. शमशेर सिंह बिष्ट के जीवन पर आधारित पुस्तक ‘कपलेश भोज और ‘पहरू का शमशेर सिंह बिष्ट पर आधारित कुमाऊंनी विशेषांक का विमोचन किया गया। पालिका अध्यक्ष प्रकाश चंद्र जोशी ने कहा डॉ. बिष्ट हमेशा जनाधिकार के लिए लड़ाई लड़ते थे। उन्होंने कभी किसी राजनीतिक पार्टी का साथ नहीं दिया। वो जन मुद्दों को लेकर हमेशा संघर्षरत रहते थे।
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने नारे लगाए-अल्मोड़ा। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे लोगों ने रैमजे इंटर कॉलेज से होटल शिखर तक शमशेर बिष्ट अमर रहे के नारे लगाए। लोक गीतों के माध्यम से भी बिष्ट को याद किया। इस दौरान जन आंदोलनों में सक्रिय रहे लोग बड़ी संया में मौजूद रहे।
ये लोग रहे मौजूद- डॉ. रवि चोपड़ा, थूम सिंह नेगी, प्रो. शेखर पाठक, कृष्ण नंद मेठानी, जगत रौतेला, जंगदंबा रेतोड़ी, जंग बहादुर थापा, डॉ. एके अरुण, पुरन चंद्र तिवारी, प्रो. ऊमा भट्ट, बंसती पाठक, विनोद पांडे, नवीन जोशी, हरीश पंत, बहादुर बिष्ट, हेमलता तिवारी, नवीन चंद्र पाठक, निर्मला बिष्ट, गीता, दीवान नगरकोटी, अनुप साह, दिनेशराजपाल, डॉ. कमलेश भोज, सुमन शर्मा, रेवती बिष्ट, प्रकाश उपाध्याय, वीपी नोटियाल, चारू तिवारी, वीपी जोशी, माया चिलवाल, बंसती पाठक, राजकुमारी पांगती, गीता किरौला, रवि थपोज,अजात शत्रु, जहुर आलम बसंत पांडे, गोपाल फत्र्याल, खीम बोरा, पूरन रौतेला, डॉ. स्वपनील सहित कई लोग मौजूद रहे।
