March 20, 2026

जिला विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर उठाये सवाल  -सरकारी निर्माण और आम आदमी के निर्माण में दोहरा मापदंड अपना रही डीडीए

बागेश्वर। जिला विकास प्राधिकरण हटाओ मोर्चा के पदाधिकारियों ने जिला विकास प्राधिकरण की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। कहा प्राधिकरण सरकारी निर्माण और आम आदमी के निर्माण में दोहरा मापदंड अपना रही है। जिले में कई सरकारी निर्माण धड़ल्ले से हो रहे हैं, जबकि निजी मकान स्वामी अपने घर की एक भी ईंट बदल रहा है तो उसका चालान किया जा रहा है। उसकी निजी भूमि को कार पार्किंग, स्कूल और अस्पताल में दिखाया जा रहा है। उन्होंने पहाड़ में इस तरह के कानून को पूरी तरह खत्म करने की कवायद की है। इसके विरोध में जल्द कुमाऊं स्तर की बैठक की जाएगी। न्यायालय के माध्यम से भी प्राधिकरण का विरोध किया जा रहा है।
रविवार को तहसील मार्ग के एक बैंक्वेट हॉल में जिला विकास प्राधिकारण हटाओ मोर्चा ने पत्रकार वार्ता की। मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मेहता ने कहा उन्होंने 30 सितंबर को विकास प्राधिकारण से सूचना के अधिकार के तहत सूचना मांगी थी। इसमें कलक्ट्रेट में ईवीएम, वीवीपैड कलेक्सन सेंटर, विकास भवन परिसर में हो रहे निर्माण, पिटकुल की 132 केवी बिजली उत्पादन घर, बागनाथ मंदिर का सुंदरीकरण, नदी गांव में रैन बसेरा और कपकोट मार्ग स्थित ताइक्वांडो हॉल निर्माण बनाने से पूर्व संबंधित विभागों ने प्राधिकरण से अनुमति मांगी है या नहीं। प्राधिकरण ने इसके बाद संबंधित विभागों को पत्र लिखकर अभी तक अनुमति नहीं मांगे जाने का पत्र जारी कर दिया। उन्हें बचाने की पूरी तरकीब की गई है। मोर्चा सचिव पंकज पांडे ने कहा प्राधिकरण के सचिव और उपाध्यक्ष की कार्यप्रणाली के खिलाफ कमीश्नर एवं सीएम से शिकायत की है। नगर पालिका, बीडीसी तथा जिला पंचायत की बैठकों में भविष्य में प्राधिकरण के खिलाफ प्रस्ताव पास करवाया जाएगा। इन दिनों उनका नगर पालिका वार्ड वार हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।
गत दिनों मेहनरबूंगा में एक व्यक्ति कर ली थी आत्महत्या
बागेश्वर। मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मेहता ने कहा यदि शहर में एक भी मकान का जीर्णोद्वार होता है या मकान बनता है तो प्राधिकरण उसे इतना परेशान करती है कि आम आदमी आत्महत्या को मजबूर हो जाता है। उन्होंने कहा गत दिनों मेहनरबूंगा ने एक व्यक्ति ने प्राधिकारण से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद भी प्राधिकरण सरकारी बजट खपाने के लिए विभागों की ओर आंख बंद कर बैठ गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ आवाज बुलंद की जाएगी।
जल्द कुमाऊं स्तर की बैठक होगी
बागेश्वर। मोर्चा के वरिष्ठ पदाधिकारी रमेश पांडेय कृषक ने कहा प्रशासन उन्हें शिकायतकर्ता घोषित करने की कोशिश कर रही है, जबकि उनका संगठन आंदोलनकारी संगठन है। संगठन के माध्मम से लोगों की बातों को आगे लाया जाएगा। जल्द ही बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ के आंदोलनकारी संगठनों के साथ कुमाऊं स्तर की बैठक होगी। इसके बाद जिले स्तर पर रैली निकाली जाएगी। इसमें हर आदमी को आगे आना होगा। पहाड़ में जबरन थोपा गया कानून कतई सहन नहीं किया जाएगा।