टीएचडीसी के निजीकरण के खिलाफ आंदोलन करेगी कांग्रेस
-विधायकों के आवास पर ढोल-दमाऊं बजाकर करेंगे उन्हें जागरूक
-शीतकालीन सत्र में होगा विधानसभा का घेराव
-भाजपा सरकार को मनमानी नहीं करने दी जाएगी: हरीश रावत
ऋ षिकेष। टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (टीएचडीसी) के निजीकरण के खिलाफ कांग्रेस चरणबद्ध आंदोलन करेगी। इसी माह टिहरी से आंदोलन की शुरुआत की जाएगी। इसके बाद विधायकों के आवास पर ढोल-दमाऊं बजाकर उन्हें जागरूक किया जाएगा। जबकि शीतकालीन सत्र में विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। जरूरत पड़ी तो दिल्ली में भी आंदोलन होगा। गुरुवार को निजीकरण के विरोध में कांग्रेसी टीएचडीसी गेट पर सांकेतिक उपवास पर भी बैठे। हरिद्वार मार्ग स्थित टीएचडीसी मुयालय गेट के बाहर आयोजित सांकेतिक उपवास कार्यक्रम में पूर्व सीएम हरीश रावत एवं पूर्व प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने टीएचडीसी के निजीकरण के खिलाफ आंदोलन का बिगुल फूंका। पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार को मनमानी नहीं करने दी जाएगी। कहा टीएचडीसी ने राय के हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध करवाया है। संस्थान से उत्तराखंड सरकार को भी प्रतिवर्ष 13 प्रतिशत राजस्व मिल रहा है। इस लिए टीएचडीसी के निजीकरण के खिलाफ जनआंदोलन चलाया जाएगा। टिहरी से आंदोलन की शुरुआत की जायेगी। इसके बाद राय के विधायकों के आवास पर ढोल-दमाऊं बजाकर उन्हें जगाया जाएगा। कहा शीतकालीन सत्र में उत्तराखंड विधानसभा का घेराव भी किया जाएगा। यदि भाजपा फिर भी नहीं चेती तो दिल्ली में भी आंदोलन किया जायेगा। पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने कहा कि भाजपा सरकार देश में सरकारी उपक्रमों का निजीकरण कर रही है। गलत फैसले जनता पर थोपे जा रहे है। कांग्रेस भाजपा को मनमानी नहीं करने देगी। पूर्व काबीना मंत्री शूरवीर सिंह सजवाण ने कहा कि नोटबंदी के बाद सरकारी उपक्रमों को बेचकर भाजपा लोगों में दहशत फैलाने का काम कर रही है। प्रदेश उपाध्यक्ष जोत सिंह बिष्ट ने कहा कि भाजपा सरकार रोजगार उपलब्ध कराने के बजाय उन्हें बेरोजगार बनाने में जुटी है। सांकेतिक उपवास पर बैठने वालों में बचन पोखरियाल, मातवर सिंह कंडारी, सतपाल ब्रह्मचारी, मनीष खंडूड़ी, राजपाल खरोला, जयपाल जाटव, महंत विनय सारस्वत, जयेंद्र रमोला, शिवमोहन मिश्रा, राव आफाक अली, दिनेश व्यास, रामविलास रावत, मदन मोहन शर्मा, विजयपाल सिंह रावत, भगवती प्रसाद सेमवाल, जगमोहन भंडारी, प्यारेलाल जुगरान,सनद शास्त्री,संजय गुप्ता,गोपाल चमोली,कमल शर्मा,मनीष शर्मा, देव पोखरियाल, मधु जोशी, देवेंद्र प्रजापति, उमा ओबराय आदि मौजूद थे।
