टीबी उन्मूलन का हो ब्यापक प्रचार प्रसार: प्रभारी जिलाधिकारी
बागेश्वर । प्रभारी जिलाधिकारी राहुल कुमार गोयल की अध्यक्षता में जिला टीबी फोरम की महत्वपूर्ण बैठक जिला कार्यालय सभागार में संपन्न हुर्इ। बैठक में टीबी के संबंध में पंजीकृत मामलों एवं उन पर कृत कार्यवाही इत्यादि के मामले में जानकारी देते हुए जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एन0एस0 टोलिया ने अवगत कराया कि बागेश्वर जनपद में वर्ष 2018 में कुल टीबी के 355 मामले पंजीकृत हुए थे, जबकि वर्तमान वर्ष में अब तक बागेश्वर जनपद में टीबी के 385 मामले पंजीकृत हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा लगातार टीबी के संबंध में किये गये प्रचार-प्रसार एवं जागरूकता कार्यक्रमों तथा सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया की प्रत्येक सरकारी एवं प्राइवेट अस्पतालों में टीबी के मामलों को पंजीकृत कर उनकी सूचना पोर्टल पर अपलोड़ की जा रही हैं, जिस कारण जनपद बागेश्वर में भी टीबी के पंजीकृत मरीजों की संख्या में र्इजाफा हुआ हैं। उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 तक एवं राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2024 तक राज्य को टीबी मुक्त करने का लक्ष्य रखा गया हैं। बैठक की अध्यक्षता करते हुए प्रभारी जिलाधिकारी ने कहा कि टीबी के उन्मूलन हेतु किये जा रहे प्रयासों का व्यापक प्रचार एवं प्रसार करके यह सुनिश्चित किया जाय कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक यह जानकारी हो कि टीबी से प्रभावित व्यक्ति को सरकार द्वारा नि:शुल्क उपचार, जांच एवं पोषण आहार हेतु धनराशि आदि सुविधायें उपलब्ध करायी जा रही हैं, जिससे न केवल प्रभावित व्यक्ति टीबी का नि:शुल्क उपचार करा सकें बल्कि दूरस्थ क्षेत्र के लोंगो को यह भी जानकारी हो कि टीबी के लक्षण क्या है, और किन वजहों से टीबी होती हैं। उन्होंने स्वास्थ विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि सोशल मीडिया, प्रिंट एवं इलैक्टॉनिक मीडिया को माध्यम से टीबी के लक्षण, उसके रोकथाम एवं सरकार द्वारा नि:शुल्क रूप में किये जाने वाले उपचार आदि के बारे में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाय, ताकि समाज के हर वर्ग तक टीबी के संबंध में एक स्पष्ट जानकारी मिल सकें और समाज का कोर्इ भी वर्ग टीबी को लार्इलाज न समझें। उहोंने इस बात पर भी बल दिया कि टीबी फोरम के सभी सदस्य यह भी प्रयास करें कि टीबी से प्रभावित व्यक्ति का सामाजिक बहिष्कार न किया जाय, बल्कि उसका नि:शुल्क उपचार कराते हुए उसे समाज की मुख्य धारा से जोडे़ रखा जाय। उन्होंने स्वास्थ विभाग को यह भी निर्देश दिये कि स्वास्थ विभाग यह भी सुनिश्चित करें कि टीबी के संबंध में पंजीकृत मामलों की नियमित रूप से समीक्षा हो जिसमें संबंधित एएनएम के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाय कि प्रभावित व्यक्ति निर्धारित 06 माह अवधि का औषधीय कोर्स पूरा करें। उन्होंने कहा कि ऐसा देखने में ंआया हैं कि रोगी प्रारंभिक एक-दो माह तक टीबी के उपचार हेतु दवार्इ का सेवन करते है किंतु डॉट्स का कोर्स पूरा नही करते हैं जिस कारण टीबी की बिगडने की पूरी आशंका बनी रहती हैं। ऐसे मामलों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी एस0एस0एस0पांगती ने स्वास्थ विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि टीबी के संबंध में जनपद बागेश्वर में पंजीकृत मामलों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाय, जिसमें प्रभावित क्षेत्र, प्रभावित व्यक्ति एवं उसकी आयु वर्ग का स्पष्ट अंकन किया जाय ताकि इस डाटा के अनुरूप जनपद को टीबी मुक्त करने के लिए एक बेहतर रणनीति का निर्माण किया जा सकें। उन्होंने कहा कि जनपद में लगने वाले मेलों एवं आयोजित की जाने वाली विभिन्न क्षेत्रीय बैठकों में भी टीबी के रोकथाम हेतु किये जाने वाले कार्यो के बारे में अधिक से अधिक जागरूकता शिविरों का अयोजन किया जाय, ताकि समाज के प्रत्येक वर्ग को को इस संबंध में जागरूक किया जा सकें। उन्होंंने शिक्षा विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि टीबी के संबंध में जागरूकता के लिए यह आवश्यक है कि स्कूलों एवं कॉलेजों में होने वाले प्रार्थना सभाओं में भी टीबी के लक्षण एवं इसके उपचार आदि के बारे में जानकारी दी जाय। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि जागरूकता कार्यक्रम स्थानीय भाषाओं में आयोजित किये जाय जिससे संबंधित सभी वर्ग इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाय कि टीबी के उपचार हेतु कोर्स पूरा करने के उपरान्त रोगी की हालत कैसी है इसका भी फीडबैंक अवश्य लिया जाय। उन्होंने स्वास्थ विभाग को यह भी निर्देश दिये कि वर्ष 2024 तक उत्तराखंड़ राज्य को टीबी से मुक्त करना है इसलिए यह आवश्यक है कि 2024 तक के लिए सालवार एक विस्तृत रणनीति तैयार कर जिसके अनुरूप कार्य करते हुए जनपद को टीबी मुक्त किया जा सकें। बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0 वी0के0सैक्सेना, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ0 एन0एस0टोलिया, महाप्रबंधनक जिला उद्योग केन्द्र वी0सी0 चौधरी, जिला पूर्ति अधिकारी अरूण कुमार वर्मा, पूर्व सदस्य क्षेत्र पंचायत कमल टम्टा, पत्रकार घनश्याम जोशी, प्रवक्ता दीप जोशी, अमित तिवारी, महिपाल सिंह, अर्जुन कुमार सहित टीबी फोरम के सदस्य मौजूद रहें।
