March 22, 2026

दस साल बाद घर लौटे आईटीबीपी के एसआई का भव्य स्वागत 

चपावत। गायब चल रहे आईटीबीपी के एसआई विक्रम सिंह चौधरी आखिरकार घर लौट आए हैं। बुधवार को घर पहुंचने पर उनका ढोल नगाड़ों से भव्य स्वागत किया गया। ग्रामीण महिलाओं ने मंगलगीत भी गए और एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशियां भी बांटी गईं। हालांकि विक्रम को अपनी पुरानी जिंदगी अब भी पूरी तरह याद नहीं है। उन्हें बस इतना याद है कि कानपुर स्थित बटालियन के बाहर किसी सिविलियन ने उन्हें चाय पिलाई थी। उसके बाद उनका सिर घूमने लगा था। उसके बाद क्या हुआ वह उसे याद करने की कोशिशों में लगे हुए हैं। चपावत मुयालय से सटे डुंगरासेठी गांव निवासी विक्रम सिंह चौधरी 1986 में आईटीबीपी में भर्ती हुए थे। नवंबर 2009 वह आखिरी बाद गांव आए थे। फरवरी 2010 में वह कानपुर स्थित आईटीबीपी की 32वीं वाहिनी से अचानक लापता हो गए थे। तमाम खोजबीन के बाद भी उनका सुराग नहीं लग पाया था। इधर, यों-यों समय बीतता जा रहा था त्यों-त्यों उनके सकुशल लौटने की उमीदें भी धूमिल होती जा रही थीं। 10 साल बाद तीन-चार दिन पूर्व सल्ली-सायली निवासी नाथ सिंह नाम के व्यक्ति ने उन्हें दिल्ली के कनाट पैलेस स्थित हनुमान मंदिर से खोज निकाला। बुधवार को दामाद नरेश और साला सुरेश उन्हें लेकर डुंगरासेठी स्थित घर पहुंचे तो वहां जश्न का माहौल शुरू हो गया। पूरे गांव के लोग कुशलक्षेम पूछने उनके घर पहुंच रहे हैं। इससे उनके घर में दीपावली सरीखा माहौल है। दस साल बाद विक्रम के लौटने की खुशी में परिजन फूले नहीं समां रहे हैं। विक्रम का कहना है कि अब उनकी उम्र 58 साल हो गई है। लिहाजा अब वह दोबारा आईटीबीपी वाइन नहीं करना चाहते हैं। वह अब अपने परिवार के साथ ही रहकर जीवन यापन करना चाहते हैं।