जिले में अब दिव्यांगों के यूडीआइडी कार्ड बनेंगे
बागेश्वर। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर जिला समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिच त्रिचा रावत ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दिव्यांगों के लिए यूटीआइडी कार्ड बनाए जा रहे हैं। इन्हीं कार्डों के माध्यम से उन्हें राय सरकार की सभी योजनाओं का लाभ मिलेगा। उन्होंने जिले के सभी दिव्यांगों से कार्ड हर हाल में बनाने की अपील की है। तहसील सभागार में मंगलवार को आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते रावत ने कहा कि समाज में आज दिव्यांगों के प्रति सोच बदल रही है। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर डीडीआरसी की स्थापना की गई है, जिसका मुय उद्देश्य दिव्यांगों के पुनर्वास सहायता एवं शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना हैं। उपजिलाधिकारी बागेश्वर राकेश चंद्र तिवारी ने कहा कि दिव्यांगता कोई अभिशाप नही है। जिला समाज कल्याण अधिकारी एनएस गस्याल ने दिव्यांग जनों के लिए सरकार द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 40 प्रतिशत के अधिक दिव्यांग को दिव्यांग पेंशन उपलब्ध कराई जाती हैं। जिसके लिए उन्हें मुय चिकित्साधिकारी कार्यालय से दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाना आवश्यक हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिन बचों के माता-पिता दोनों दिव्यांग हैं या किसी बीमारी के कारण ग्रसित हैं या फिर अनाथ बचे हैं तो ऐसे बचों के शिक्षा एवं भरण पोषण के लिए सरकार द्वारा प्रतिमाह दो हजार की धनराशि प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि जनपद में लगभग 2800 दिव्यांगजनों को पेंशन उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्वरोजगार के लिए भी 80 हजार तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग जनों के लिए यूडीआईडी कार्ड भी मुय चिकित्साधिकरी अधिकारी के सहयोग से बनाये जा रहे हैं। अपर मुय चिकित्साधिकारी बीएस रावत ने कहा कि 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में दिव्यांगों की संया एक लाख, 85 हजार हैं। यहां सहायक प्रोविजन अधिकारी संतोष जोशी, सभाषद नीमा दफौटी आदि मौजूद रहे।
