जलवायु परिवर्तन रोकने को हिमालयी गांवों की भूमिका अहम
बागेश्वर। जलवायु परिवर्तन को लेकर कौसानी में कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान जलवायु परिवर्तन पर पंचायतों की भूमिका के बारे में चर्चा की गई। वक्ताओं ने जलवायु परिवर्तन को लेकर अपने विचार रखे। ग्लोबल वार्मिंग से हो रहे नुकसान को रोकने के उपायों पर चर्चा की। गुरुवार को अनासक्ति आश्रम में जलवायु परिवर्तन को लेकर हुई माउंटेन क्लेक्टिव कार्यशाला का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष बसंती देव ने किया। उन्होंने कहा जलवायु परिवर्तन विश्व के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। जिसे रोकने के लिए हिमायली क्षेत्र के गांवों को अपना अहम योगदान देना होगा। उन्होंने कहा जब तक पर्यावरण को लेकर लोगों में जागरूकता नहीं आएगी, इस समस्या का अंत नहीं हो सकता। हिमाला सामाजिक संस्था के भाष्करानंद तिवारी ने कहा जलवायु परिवर्तन से कई तरह की परेशानियां उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा इसके लिए इंसान ही जिमेदार है। लोगों को हिमालय बचाने और प्रदूषण के खिलाफ लडऩे को एकजुट होकर प्रयास करना होगा। इस दौरान उन्होंने कहा अभी नहीं चेते तो आने वाले समय में जल संकट, भीषण दैवीय और प्राकृतिक आपदा सहित कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। यहां कासा के कुमाऊं समन्वयक सुभाष जोशी, धरा सोसाइटी के विशन सिंह रजवार, दिनेश पांडे, भुवन भट्ट सहित विभिन्न गांवों के पंचायत प्रतिनिधि मौजूद रहे।
