अल्मोड़ा में पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शिक्षकों का प्रदर्शन
अल्मोड़ा। उत्तराखंड राय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला इकाई ने पुरानी पेंशन बहाली को लेकर शनिवार को चौघानपाटा गांधी पार्क में प्रदर्शन किया। गांधी पार्क चौघानपाटा में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। जल्द मांगों का समाधान नहीं किए जाने पर आंदोलन करने की चेतावनी दी। बाद में कर्मचारियों ने प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। अखिल भारतीय प्राथमिक शिक्षक संघ एवं उत्तराखंड राय प्राथमिक शिक्षक संघ के आह्वान पर बुलाए गए प्रदर्शन में शनिवार को जिले भर के स्कूलों से शिक्षक पहुंचे। इस दौरान हुई सभा में शिक्षकों ने कहा कि कहा पुरानी पेंशन बहाल न होने से शिक्षकों का जीवन अंधकारमय हो गया है। पुरानी पेंशन बहाली के लिए वह सड़कों पर उतरने के साथ हर स्तर पर आंदोलन करने को तैयार है। शिक्षकों ने कहा कि सरकार उनका हक दबा रही है। इसका शिक्षक कड़ा विरोध करेंगे। आहृवान किया कि पुरानी पेंशन बहाल होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। जिला अध्यक्ष किशोर जोशी एवं जिला मंत्री जगदीश सिंह भंडारी ने कहा कि कर्मचारियों के बुढ़ापे के समय को आराम से बिताने के लिए पुरानी पेंशन दी जाती थी। लेकिन सरकार ने इसे छीनकर कर्मचारियों के रिटायर्ड होने के बाद के समय को असुरक्षित कर दिया है। इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तरांचल पर्वतीय कर्मचारी शिक्षक संगठन धीरेंद्र कुमार पाठक, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष संजय बिष्ट, फार्मासिस्ट एसोसिएशन के डीके जोशी, शिक्षक समन्वयक समिति के वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिगबर दत्त फुलोरिया आदि ने पुरानी पेंशन बहाल को लेकर धरने को समर्थन दिया। इस दौरान जनवरी माह में देहरादून में होने वाले राय स्तरीय धरना प्रदर्शन में बढ़चढ़ शिक्षकों से भाग लेने की अपील भी की गई। बाद में जिलाध्यक्ष किशोर जोशी, जगदीश भंडारी जिलामंत्री, कोषाध्यक्ष मनोज बिष्ट, संरक्षक उमेश जोशी, संजय टटा, बलवंत अधिकारी, अनिल कांडपाल आदि कलक्ट्रेट पहुंचकर डीएम कार्यालय कर्मचारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुयमंत्री को ज्ञापन भेजा गया।
विधायक, सांसदों को पेंशन देने पर जताया आक्रोश- अल्मोड़ा। धरने के दौरान शिक्षकों ने कहा एक देश में दो विधान लागू नहीं हो सकते हैं। आरोप लगाया कि वर्ष 2005 के बाद विधायक व सांसदों को प्रतिमाह लाखों रुपये पेंशन दिया जा रहा है। लेकिन कर्मचारियों को नई पेंशन योजना में 500, 1000 रुपये पेंशन दी जा रही है। जिसे शिक्षक हितों के साथ कुठाराघात बताया गया। कहा कि सरकार सांसद, विधायकों को एक दिन के लिए भी रहे तो प्रतिमाह लाखों रुपये पेंशन दे रही है। जिलाध्यक्ष किशोर जोशी ने कहा कि जनप्रतिनिधि केवल पांच साल के लिए जनता की सेवा करते हैं। कई बार कार्यकाल पांच साल से कम भी रहता है। फिर भी उन्हें पेंशन का लाभ दिया जा रहा है। लेकिन शिक्षक, कर्मचारी 30 वर्षो से अधिक समय तक सेवा करने के बाद भी पेंशन से वंचित कर दिये गये हैं। सांसद और विधायक को मिल रही पेंशन को न्याय संगत नहीं ठहराया गया। आरोप लगाया कि विद्यालयी शिक्षा के साथ शिक्षकों को चुनाव ड्यूटी, जनगणना सहित विभिन्न कार्यो में लगाने के बाद भी पुरानी पेंशन का लाभ नहीं दिया जा रहा है।
