July 1, 2026

सुभारती अस्पताल आयशोलेशन एवं होटल ताइक्जेन क्वारेन्टाइन सेन्टर के रूप में अधिग्रहित

देहरादून। कोरोना वायरस कोविड-19 का विश्वभर में प्रकोप के कारण वायरस संक्रमित व्यक्ति चिन्हित हो रहे हैं। जनपद में कोरोना वायरस संक्रमण की रोकथाम एवं बचाव को लेकर जिलाधिकारी डॉ आशीष कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में बैठक जिलाधिकारी कैप कार्यालय में आईआरएस सिस्टम को एक्टिवेट करने सबन्धी बैठक हुई। जिलाधिकारी ने जनपद विभिन्न स्थानों पर यथा सुभारती अस्पताल को आयशोलेशन एवं होटल ताइक्जेन को क्वारेन्टाइन सेन्टर बनाये जाने हेतु पूर्णरूप से अधिग्रहण करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने बताया कि आयशोलेशन एवं क्वारेन्टाइन सेन्टरों पर प्रशिक्षित चिकित्सकों, स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जायेंगी, जिन पर पूर्ण सुरक्षा का दायित्व पुलिस विभाग द्वारा किया जायेगा। जिलाधिकारी ने रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन के अतिरिक्त एयरपोर्ट एवं मलिन बस्तियों में सोडियम क्लोराइड का छिड़काव करने के निर्देश दिये गये। उन्होंने बचाव में सुरक्षा की बात करते हुए कहा कि लोगों का अधिकाधिक जागरूक करने हेतु विभिन्न चैक चैराहों आदि स्थानों पर लाउडस्पीकरों से मुनादी के साथ ही पपलेट एवं बैनरों का भी प्रयोग किये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने वन अनुसंधान संस्थान परिसर में वायरस संक्रमित अधिकारियों पर चाक चैबन्द नजर रखने के साथ ही उनकी चिकित्सकीय एवं खाने-पीने की व्यवस्थाएं चलाये जाने के भी निर्देश दिये।  उन्होंने ऋषिकेश क्षेत्र में नगर निगम को विशेष साफ-सफाई व्यवस्था कराने के साथ ही लोगों को कोरोना वायरस के बारे में जागरूक बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि होटलों में आने-जाने वाले यात्रियों के बारे में उनके द्वारा की गयी पूर्व यात्रा के इतिहास की भी जानकारी प्राप्त करने के निर्देश उप जिलाधिकारी एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों को दिये। उन्होंने सिविल डिफेंस के लोगों को जनता के बीच जागरूकता पैदा करने पर बल दिया। जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियो को निर्देश दिये कि अपने-अपने क्षेत्रों में सभी मन्दिर, मस्जिद, गुरूद्वारों एवं चर्च के धर्मगुरूओं को कोरोना वायरस संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए भीड़-भाड़ या किसी जमावड़े को टालने या सभवत: स्थगित करने की सलाह देते हुए एक दूसरे के बीच उचित दूरी बनाये रखने तथा एक साथ लोगों को इकठ्ठा न होने दिया जाय।  जिलाधिकारी ने इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम को एक्टिवेट करने के निर्देश जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी को देते हुए कहा कि आईआरएस से जुड़े  अधिकारियों को अलर्ट मोड में रखते हुए किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने में अपना सहयोग देने के लिए अपने मोबाईल एक्टिव मोड में रखे जाने को कहा। उन्होंने मुय चिकित्साधिकारी को एफआरआई,  एवं सुभारती आदि स्थानों पर आयसोलेशन एवं क्वारेन्टाइन सेन्टरों में भी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराये जाने को कहा। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को कोरोना वायरस की रोकथाम एवं बचाव के लिए सभी आवश्यक उपाय करने के भी निर्देश दिये। इस अवसर पर मुय विकास अधिकारी नितिका खडेलवाल, मुय चिकित्साधिकारी डॉ मीनाक्षी जोशी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व बीर सिंह बुदियाल, पुलिस अधीक्षक नगर श्वेता चैबे, पुलिस अधीक्षक यातायात प्रकाश चन्द्र, सीओ लोकजीत सिंह, अपर मुय चिकित्सा अधिकारी डॉ एन के त्यागी, जिला विकास अधिकारी प्रदीप पाण्डेय, परियोजना निदेशक राजेन्द्र प्रसाद सेमवाल एवं जिला आपदा प्रबन्धन अधिकारी डॉ दीपशिखा रावत उपस्थित रहे।

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