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November 7, 2026

कोरोना ने बदला शिक्षा का मॉडल: वाट्सएप ग्रुप बनाकर ली बचों की ई-क्लास, होमवर्क भी दिया

रुड़की। लॉकडाउन के दौरान छात्रों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए स्कूलों ने रास्ता निकाल लिया है। शिक्षा सत्र के पहले दिन वाट्सएप ग्रुप बनाकर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बचों की ई-क्लास ली। साथ ही, बचों को होमवर्क भी दिया गया है। कोरोना वायरस को लेकर किए गए लॉकडाउन के कारण जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है। लोग घरों में ही हैं। स्कूलों के बंद होने से कई बचों के पेपर तक नहीं हो पाए हैं। हालांकि स्कूलों ने बचों की छमाही परीक्षा और टेस्ट के आधार पर उन्हें अगली कक्षा के लिए प्रमोट किया है। वहीं लॉकडाउन होने से बचे किताब और कॉपियां भी खरीद नहीं पाए हैं। इसको लेकर लग रहा था कि शिक्षा सत्र प्रभावित होगा, लेकिन केंद्रीय विद्यालय नंबर-1, केंद्रीय विद्यालय नंबर-2, मोंटफोर्ट, आनंद स्वरूप सरस्वती मंदिर, ग्रीनवे सीनियर सेकेंडरी स्कूल सहित अधिकांश स्कूलों ने शिक्षा सत्र के पहले दिन से ही पढ़ाई शुरू करा दी है। सभी बचों के व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर शिक्षक-शिक्षिकाओं ने किताबों का पहला पाठ पढ़कर उसकी वीडियो अपलोड की। उसके बारे में बताया। इसके बाद बचों को ग्रुप पर ही होमवर्क दिया। इस होमवर्क को करने के लिए जिन बचों के पास नई कॉपी नहीं हैं वे अपनी पुरानी कॉपी के प्लेन पेज पर ही यह होमवर्क कर सकेंगे। केंद्रीय विद्यालय नंबर-1 के प्राचार्य वीके त्यागी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण बचों का पढ़ाई का समय न खराब हो इसके लिए यह व्यवस्था शुरू की गई है। ताकि बचे घर पर ही पढ़ सकें। शिक्षक स्वयं ही किताबों को अपलोड करके उनके पाठ डाल रहे हैं। जिससे बचों को कोई परेशानी न आए। आनंद स्वरूप सरस्वती मंदिर के प्रधानाचार्य राजीव गुप्ता ने बताया कि सभी बचों को प्रमोट कर अगली कक्षा में भेज दिया गया है। जब तक बचों के स्कूल नहीं खुलते हैं तब तक उन्हें शिक्षक-शिक्षिकाएं वाट्सएप की मदद से पढ़ाएंगे।

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