January 31, 2026

डा0 छाया की मुहिम को राजधानी में लग रहे हैं पंख

 

 

हर्षवर्धन भट्ट

श्रीनगर गढ़वाल।  आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने हौयोपैथिक दवा को कोरोना से लडऩे में कारगर बताते हुए रायपाल को दवाईयां सौंप कर श्रीनगर गढवाल की डाक्टर छाया पैन्यूली की मुहिम को पंख लगा दिए। राय में सबसे पहले डा0 छाया ने श्रीनगर कोतवाली में तैनात पुलिस कर्मियों को हौयोपैथिक दवा पिलाकर उनके इयून सिस्टम को बढ़ाने में उनकी मदद करने की शुरूआत की थी।  डा0 छाया अभी 25 मार्च से शुरू अपने इस अाियान के तहत अभी तकश्रीनगर कोतवाली, तहसील और नगर निगम के कर्मचारियों को कोरोना से लडऩे के लिए इयूनिटी बढ़ाने वाली दवा पिला चुकी हैं साथ ही सभी कर्मचारियों को मुत में दवा भी दे चुकी हैं। इसके साथ ही वह लगातार लोगों को कोरोना के विषय में जानकारी देते हुए इससे बचाव के प्रति जागरूक कर रही हैं। इसके साथ ये लगातार गरीबों की सहायता भी कर रही हैं। साथ ही साथ ये अपने क्लीनिक में डिजीटल माध्यम जैसे फेसबुक, वटसअप आदि से लोगों को कोरोना से बचाव के बारे में जानकारी दे रही है। श्रीनगर व आसपास के कई ग्रामीण इलाकों में लोगों को कोरोन से बचाव की जानकारी दे रही हैं।  इसके साथ ही वह लगातार कोरोना वारियर्स के साथ ही पहाड़ के लोगों को ये दवा पिला रही हैं और मुत में बाँट भी रही हैं। आयुष मंत्री उत्तराखण्ड हरक सिंह रावत ने डा0 छाया कि इस मुहिम पर मुहर लगाते हुए बीते रोज रायपाल को दवाई भेँट की। साथ ही उन्होंने कहा कि यह दवाई क्वारंटीन सेँटरो में तथा कोरोना वारियर्स के रूप में काा कर रहे सरकारी व गैर सरकारी कर्मचारियों को दी जाएगी। उन्होंने कहा कि हौयोपैथिक दवाई शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बड़ाती है और इसके परिणाम भी सुखद हैंँ।

श्रीनगर से शुरू की गयी अपनी इस मुहिम को आगे बड़ता देख सरकारी प्रयासों से खुश डा0 छाया ने बताया कि कोरोना का इलाज सिर्फ यही है कि मरीज का इयूनिटी सिस्टम मजबूत हो। उन्होंने बताया कि किसी भी रोग की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए हौयोपैथिक दवा का सेवन करना चाहिए। बदलते मौसम में कोई भी वायरस सबसे पहले कमजोर इयूनिटी वालों को ही जकड़ता है। हमारा इयून सिस्टम शरीर का सुरक्षा कर्मी है यह वायरस, बैक्टीरिया, फंगस, सहित सभी प्रकार के रोगाणुओं से लड़ता है। पौष्टिक आहार के साथ यदि जीवन में हौयोपैथिक दवा को अपनाया जाए तो हमारी रोग प्रतिरोधक क्षमता बेहद मजबूत हो जाती है और हमारा इयून सिस्टम हर बीमारी से लडऩे की क्षमता पैदा कर लेता है। हौयोपैथिक की सबसे बड़ी खासियत यही है कि वह बीमारी को जड़ से समाप्त कर देती है।