कार रोकने पर यूपी विधायक का साथियों के साथ चौकी पर हंगामा
हरिद्वार। रोडीबेल वाला बैरियर पर कार रोकने पर उत्तर प्रदेश की नौतनवां सीट से निर्दलीय विधायक अमनमणि ने अपने साथियों के साथ चौकी पर हंगामा किया। पुलिस ने विधायक समेत दो लोगों की कार का चालान किया और दोनों के लाइसेंस को जब्त कर दिया। आरोप है कि विधायक ने सप्तऋषि बैरियर पर पुलिस के हाथ देने के बावजूद कार नहीं रोकी। बाद में दोनों कारों को रोडीबेल वाला चौकी बैरियर पर रुकवाया गया। रविवार को बद्रीनाथ जा रहे यूपी के चर्चित नेता अमरमणि के विधायक पुत्र अमनमणि को चमोली के कर्णप्रयाग में पुलिस ने रोका था। यहां विधायक ने अपने साथियों के साथ हंगामा किया। आरोप है कि एक एसडीएम से उन्होंने अभद्रता तक की। पुलिस ने अमनमणि और उसके काफिले को वापस भेज दिया। टिहरी की मुनिकीरेती पुलिस टीम ने रविवार रात को बैरियर पर ही उनको रोक लिया। रात में ही पुलिस मुयालय अधिकारियों को मैसेज आया कि विधायक के काफिले को रोका जाए। इसी को देखते हुए सीमा पर तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश जारी कर दिये गए थे। टिहरी में विधायक के खिलाफ लॉकडाउन उल्लंघन समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। देर रात विधायक का काफिला हरिद्वार के सप्तऋषि चौकी बैरियर पर पहुंचा। यहां पुलिसकर्मियों ने विधायक को रोका तो उन्होंने रौब गालिब किया और कार बैरियर से दौड़ा दी। पुलिस ने कार का पीछा किया और रोडीबेल वाला चौकी के प्रभारी पवन डिमारी ने विधायक और एक अन्य कार को बैरियर पर रोक लिया। कुछ ही देर में सीओ सिटी अभय प्रताप सिंह और कोतवाली प्रभारी प्रवीण सिंह कोश्यारी भी पहुंच गए। विधायक अमनमणि ने पुलिस के रोकने पर हंगामा किया। विधायक का आरोप था कि उनको पहले ही एक बैरियर पर कई घंटे रोका गया था। पुलिस ने विधायक को फटकार लगाई और दो कारों के चालान कर दिये। पुलिस ने विधायक अमनमणि पुत्र अमरमणि निवासी महाराजगंज यूपी और रितेश यादव पुत्र सुरेश यादव निवासी बिछिया कॉलोनी गोरखपुर के लाइसेंस सीज कर दिये हैं। विधायक ने पुलिस को बताया कि वह उत्तर प्रदेश के मुयमंत्री योगी आदित्यनाथ के दिवंगत पिता के पितृ कार्य के निमित्त बदरीनाथ जा रहे थे। उनके पास अनुमति पत्र भी हैं। एसपी सिटी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि वाहन न रोकने पर कार का चालान किया गया है। जेल से चुनाव लड़कर बने थे विधायक अमनमणि जेल से ही यूपी के महराजगंज जिले की नौतनवां सीट से चुनाव लड़कर विधायक बने थे। उनके चुनाव प्रचार की कमान उनकी बहनें तनुश्री त्रिपाठी और अलंकृता त्रिपाठी ने संभाली थी। बता दें कि मधुमिता शुक्ला हत्याकांड के बाद विधायक अमनमणि के पिता अमरमणि त्रिपाठी चर्चाओं में रहे थे। किसी ने नहीं किया क्वारंटाइन बाहरी रायों से आने वालों के लिए क्वारंटाइन करने के आदेश यूपी के विधायक पर लागू होते नहीं दिखाई दिए। एक अनुमति पत्र लेकर विधायक आधे उत्तराखंड की सैर कर वापस चले गए। टिहरी पुलिस ने मुकदमा तो हरिद्वार पुलिस ने कार के चालान किये। 10 लोगों के साथ विधायक आसानी से चले गए, जबकि सवाल खड़ा हो रहा है कि इनको क्वारंटाइन किया जाना था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
