बागेश्वर में शराब की दुकान के आगे सारे मानक धड़ाम, पुलिस ने भांजी भीड़ पर लाठियां , गरुड़ में गांधी आश्रम तक लगी लाईन।
बागेश्वर। आखिरकार वही हुआ, जिसकी आशंका जताई जा रही थी। लॉकडाउन तीन में जब शराब की दुकानों को खोलने की अनुमति मिली तो सारे मानक हवा हवाई हो गए। सुबह सात बजे से ही जिले में शराब की दुकानों पर लोगों की भीड़ उमडऩे लगी थी। करीब 11:30 बजे दुकान खुली, तब तक मदिरा प्रेमियों की भारी भीड़ जमा हो गई। हालात बेकाबू होते देख पुलिस सत हुई और बाहर जमा भीड़ पर लाठियां भांजी। तब कहीं जाकर लोगों ने शराब खरीदने के लिए लाइन लगाई। हालांकि इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धजियां उड़ाई गई।
आम दिनों में शराब की दुकानों को खोलने का समय सुबह 11 से शाम आठ बजे तक का निर्धारित किया गया है। इधर, लॉकडाउन के चलते करीब डेढ़ महीने से शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद हैं। जैसे ही तीसरे लॉकडाउन के दौरान शराब की दुकानों को खोले जाने का रास्ता साफ हुआ तो मदिरा प्रेमी खुशी से झूम उठे। जिसकी बानगी शराब की दुकानों पर भी देखने को मिली। सुबह सात बजे से ही लोग दुकान के आगे जमा होना शुरू हो गए थे। यों-यों समय बीतता गया, लोगों की तादाद भी बढ़ती चली गई। करीब दस बजे तक हालात बेकाबू होने लगे। हालांकि तब तक शराब की दुकान का शटर बंद ही था। इसके बावजूद लोग दुकान के बाहर जमा रहे। इधर, पुलिस ने भीड़ उमड़ती देखी तो सती शुरू कर दी। जिसके बाद कुछ देर तक भीड़ वहां से तितर-बितर हुई, लेकिन ऐसा देर तक नहीं रहा। कुछ समय बाद फिर से हालात पहले की तरह हो गए। करीब 11:30 बजे दुकान का शटर उठा, तो पहले शराब लेने की होड़ में लोग धक्का मुक्की करने लगे। दुकान के आगे से आधी रोड तक भारी संया में भीड़ लगने से वहां जाम के हालात बन गए। सीओ महेश जोशी के निर्देश पर प्रभारी कोतवाल खष्टी बिष्ट के नेतृत्व में पहले पुलिस ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ। जिसके बाद पुलिस को मजबूरन सती करनी पड़ी। उन्होंने वहां जमा लोगों पर लाठियां भांजी। जिसके बाद भीड़ इधर से उधर होने लगी। हालांकि बाद में पुलिस ने उन्हें सोशल डिस्टेंसिंग का पाठ पढ़ाते हुए लाइन में लगने को कहा। आखिरकार उन्होंने एक-एक मीटर की दूरी बनाकर शराब खरीदी। उसके बाद थाने गेट से लेकर गांधी आश्रम तक करीब आधा किमी की लाइन लग गई।
शराब की दुकान को खुलने का रास्ता साफ हुआ तो दुकान पर लोगों की लाइन लग गई। हालांकि आबकारी विभाग ने शराब की दुकान का स्टॉक मिलान करने के बाद ही दुकान को खोलने की अनुमति दी। जिस कारण बाहर लाइन में खड़े लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ा। आबकारी अधिकारी विवेक सोनकिया ने कहा दुकान खोलने से पहले मिलान जरूरी होता है।
शराब की दुकान के आगे जिस तरह का माहौल हुआ, उसे देखकर एकबारगी पुलिस के भी पसीने छूट गए। मदिरा प्रेमियों ने सारे मानकों को ताक पर रख दिया था। हालात यह थे कि उन्हें समझाने गई पुलिस भी बेअसर साबित हुई। जिसके चलते मजबूर होकर पुलिस को भी लाठी का जोर दिखाना पड़ा। तब कहीं जाकर हालात संभाले जा सके।
और गरुड़ में भी मदिरा प्रेमी रिकॉर्ड तोड़ते नजर आए। सोमवार को जैसे ही दुकान खुलने की सूचना मिली, वहां भी लोगों की भीड़ उमडऩे लगी। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग पूरी तरह से गायब रही। हालांकि बाद में पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उन्हें कतारबद्ध किया । लोग किसी तरह से शराब प्राप्त करने की कोशिश करते दिखे। हालांकि कई लोगों ने दुकान खोलने को सरकार की भूल भी बताया। उन्होंने कहा शराब की दुकान में लगी भीड़ को देखकर नहीं लगता कि कोरोना जैसी महामारी को लेकर जनता या सरकार को कोई चिंता है।
इसबीच सोशल मीडिया पर मजेदार जोक्स भी बने हैं ।शराब की दुकान में उमड़ी भीड़ ने जहां कोरोना वीरों की परेशानी बढ़ाई। वहीं, लोगों को बैठे-बिठाए मनोरंजन का मौका भी दे दिया। सोशल मीडिया पर लोगों ने इसको लेकर कई जोक्स बनाए। कुछ लोगों ने लिखा कि ऐसा लगता है शराब की दुकान से कोरोना की दवा बंट रही है। एक अन्य ने लिखा अर्थव्यस्था का चौथा स्तंभ मदिरा प्रेमी निकले। अब पता चला सरकार को शराब की दुकान खोलने की जल्दी क्यों थी। किसी ने लिखा ये तो होना ही था, आखिर 40 दिन की प्यास जो बुझानी है। इसके अलावा भी कई अन्य मजेदार जोक्स और कमेंट सोशल मीडिया पर छाये रहे।
