March 23, 2026

50 प्रतिशत पलायन हुए 34 गावो में पड़ेगी शासन की नजर जाने बागेश्वर के किन ब्लाकों में चयनित हैं कितने गाँव

बागेश्वर ।   बागेश्वर में पलायन से प्रभावित ग्रामों हेतु सघन रणनीति के तहत कार्ययोजना तैयार करने के संबंध में मुख्य किकास अधिकारी डी0डी0पंत की अध्यक्षता में विकास भवन सभागार में संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गयी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग एवं पलायन आयोग द्वारा राज्य में विस्तृत सर्वेक्षण कियें जाने के उपरान्त उत्तराखंड प्रदेश के 474 ऐसे ग्रामों की सूची उपलब्ध करायी गयी हैं जिसमें 50 प्रतिशत तक पलायन हो चुका हैं। जिसमे ंप्रथम चरण में पलायन प्रभावित 254 गांवो को प्रथम चरण में ऐसी सघन रणनीति के तहत आच्छादित किया जायेगा, जिसमें जनपद बागेश्वर के 34 गांवों को चिन्हिकरण किया गया हैं, जिसमें सघन रणनीति के तहत कार्ययोजना तैयार कर चिन्हित गांवो में सभी रेखीय विभागों द्वारा आगामी 03 वर्षो में चरणबद्ध रूप से वर्तमान में संचालित विभिन्न कल्याणकारी केन्द्र पोषित, राज्य पोषित तथा बाह्य सहायतित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही विभिन्न नवाचार विशेष परियोजनायें सी0एस0आर0/अन्य वित्तीय संस्थानों द्वारा प्राप्त निधियों का उपयोग करते हुए गांव को संतृप्त किया जायेगा। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों का निर्देश दियें कि चिन्हित गांवो में पलायन रोकने हेतु निर्धारित प्रारूपों में आवश्यकताओं का आंकलन करते हुए प्राथमिकता के आधार पर पलायन से प्रभावित गांवो की आधाभूत सांख्यिकी आंकडों की सूचना तैयार करना तथा वर्तमान में संचालन विभागीय योजनाओं के आच्छादन एवं अन्तर विश्ेषण की सूचना तैयाार करना एवं आजीविका रोजगार क्षमता में किसानों की आय दोगुनी करने , स्वास्थ एवं पेाषण शिक्षा एवं सामाजिक सूरक्षा एवं आधाभूत संरचना विकास से संबंधित सूचना तैयार करना हेतु प्रारूप प्रेषित कियें गयें थे जिनमें कर्इ विभागों द्वारा उन्हें उपलब्ध कराये गयें प्रारूप के अनुसार अपनी कार्ययोजना तैयार नहीं की हैं उन्होंने स्पष्ट निर्देश दियें हैं कि विभागों द्वारा जो भी कार्ययोजना तैयार की गयी हैं यदि उन योजनाओं में कोर्इ परिवर्तन व संशोधन किया जाना हैं तो वह तत्काल उन योजनाओं में परिवर्तन करते हुए योजनाओं की विस्तृत आंख्या तत्काल मुख्य विकास अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्तिच करें, ताकि संबंधित सूचना को मंडलायुक्त को प्रेषित की सकें। उन्होंने कहा कि सभी विभागीय अधिकारी अपनी-अपनी विभागों में संचालित योजनाओं का सही ढंग से आंकलन करते हुए ठोस कार्ययोजना तैयार करें ताकि इन गांवों में पलायन के कारको को न्यून किया जा सकें। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जनपद के जिन 34 गांवो में 50 प्रतिशत तक पलायन हुआ हैं उसमें विकास खंड बागेश्वर में 11, कपकोट में 13 तथा विकास खंड गरूड में 10 राजस्व गांव शामिल हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी द्वारा शिक्षा, सिंचार्इ, स्वास्थ, विद्युत, लोनिवि, बाल विकास, सेवायोजन, पशुपालन, कृषि, उद्यान, उद्योग, जल संस्थान, पंचायतीराज, स्वजल, मत्स्य, डेयरी, उरेडा, समाज कल्याण, लघु सिंचांर्इ तथा आजीविका आदि विभागों द्वारा तैयार की गयी कार्ययोजना की समीक्षा की गयी। बैठक में जिला विकास अधिकारी के0एन0तिवारी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ0 उदय शंकर, मुख्य कृषि अधिकारी वी0पी0मौर्या, महाप्रबंधक उद्योग वी0के0चौधरी, जिला शिक्षा अधिकारी पदमेंद्र सकलानी, अधि0अभि0 लोनिवि के0के0तिलारा, पीएमजीएसवार्इ राजेन्द्र प्रसाद, विद्युत भाष्करानंद पांडे, पेयजल निगम सी0पी0एस0गंगवार, जल संस्थान एम0के0टम्टा, जिला समाज कल्याण अधिकारी एन0एस0गस्याल, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास राजेन्द्र प्रसाद बिष्ट, अपर परियोजना निदेशक शिल्पी पंत, जिला पंचायतराज अधिकारी रामपाल सिंह सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहें।