बागेश्वर के ग्राम प्रधानों द्वारा दायर जनहित याचिका पर हुई सुनवाई, 2 जून तक स्थिति स्पष्ट करें
नैनीताल। हाईकोर्ट ने शुक्रवार को प्रदेश में आ रहे प्रवासियों को जिला और तहसील स्तर पर प्रशासन द्वारा क्वारंटाइन नहीं करने के खिलाफ बागेश्वर गरुड़ के ग्राम प्रधानों द्वारा दायर जनहित याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय ने मामले में प्रिंसिपल सेक्रेट्री हेल्थ, डायरेक्टर जनरल मेडिकल हेल्थ, जिलाधिकारी बागेश्वर, सीएमओ बागेश्वर, एसडीएम गरुड़, बीडीओ गरुड़ समेत केंद्र सरकार से दो जून तक स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। मामले में अगली सुनवाई 2 जून की तिथि नियत की गई है। न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया और न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई।अधिवक्ता डीके जोशी की ओर से इस सबंध में जनहित याचिका दायर की गई है। कहा है कि गरुड़ बागेश्वर के ग्राम प्रधानों की ओर से बीती 20 मई को जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया था। जिसमें कहा गया है कि प्रदेश में बाहर से आने वाले प्रवासियों को जिला स्तर व तहसील स्तर पर क्वारंटाइन किया जाए। जिनकी देखभाल प्रशासन करे जबकि ग्राम प्रधान उनकी सहायता करेंगे। याचिकर्ता का यह भी कहना है कि अगर प्रशासन ऐसा नहीं करता है तो गरुड़ के समस्त ग्राम प्रधान सामूहिक रूप से इस्तीफा देंगे।
