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November 2, 2026

श्रम कानूनों को समाप्त किए जाने पर माकपा ने जताया आक्रोश

 

चमोली। माकपा कार्यकर्ताओं ने श्रम कानूनों को समाप्त किए जाने पर आक्रोश जताया है। साथ ही आयकर की सीमा से बाहर आने वालों लोगों को छह माह का राशन फ्री दिए जाने सहित चार सूत्रीय मांगों को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया। डीएम के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भी भेजा। माकपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि 70 दिनों तक लॉकडाउन के चलते सारा रोजगार समाप्त हो गया है। लोगों के पास आय का कोई साधन नहीं रहा। देश के गोदामों में जमा अनाज कहीं चूहे खा रहे हैं, तो कहीं अनाज सड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन परिस्थितियों में आयकर की सीमा से बाहर आने वाले लोगों को सरकार कोरोना के चलते छह माह तक 7500 रुपये के साथ प्रत्येक व्यक्ति को दस किलो राशन मुत में देना चाहिए। माकपा ने मनरेगा मजदूरी 300 कर कम से कम 200 दिनों का रोजगार देकर बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता भी दिया जाना चाहिए। उन्होंने श्रम कानूनों को खत्म किए जाने पर भी चिता व्यक्त करते हुए कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों का निजीकरण रोका जाए। धरना देने वालों में माकपा के जिला सचिव भूपाल सिंह रावत, ज्ञानेंद्र खंतवाल, राजपाल कन्याल, मदन मिश्रा, नंदन सिंह नेगी, पुष्पा किमोठी, गीता बिष्ट, लता मिश्रा आदि मौजूद थे

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