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October 27, 2026

आज रात से लगेगा सूर्य ग्रहण का सूतक काल, क्या रहेगा प्रभाव

रुडकी। रविवार को सूर्य ग्रहण का सूतक काल शनिवार रात सवा नौ बजे से लग जाएगा। योतिषाचार्यों के अनुसार यह ग्रहण चूड़ामणि ग्रहण कहलाएगा। 900 साल बाद ग्रहों की विचित्र स्थिति में ग्रहण घटित हो रहा है। आईआईटी स्थित सरस्वती मंदिर के पुजारी आचार्य राकेश कुमार शुक्ल ने बताया कि सूर्य ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले लग जाता है। इसलिए शनिवार को रात 9.15 बजे से ग्रहण का सूतक काल शुरू होगा। रविवार को ग्रहण सुबह सवा नौ बजे आंशिक रूप से शुरू होगा। इसके एक घंटे बाद पूर्ण रूप से ग्रहण प्रारंभ होगा। ग्रहण की कुल समयावधि 5 घंटे 48 मिनट होगी। ग्रहण के सूतक काल से लेकर समाप्ति तक महामृत्युंजय जाप, सूर्य एवं राहु के मंत्रों का जाप करें। विष्णु भगवान, इष्ट मंत्रों, गुरु द्वारा दिए गए मंत्रों का जाप करना चाहिए। बताया कि 25 अक्तूबर 1995 को घटित हुए ग्रहण जैसा ही 21 जून का ग्रहण होगा, जिसमें दिन में अंधेरा हो जाएगा। इसके बाद 21 मई 2031 में ऐसा ही ग्रहण घटित होगा। आचार्य शुक्ल ने बताया कि 21 जून को मृगशिरा नक्षत्र, मिथुन राशि में ग्रहण घटित होगा। करीब 900 साल बाद ग्रहों की विचित्र स्थित में यह ग्रह घटित हो रहा है। इसमें छह ग्रह वक्री (उल्टी) चाल चलेंगे। चार ग्रहों की अशुभ स्थितियों के कारण प्राकृतिक आपदा, महामारी, भूकंप बाढ़ आदि का संकेत है। आचार्य शुक्ल के अनुसार 26 दिसंबर 2019 के ग्रहण के बाद कोरोना महामारी विकसित हुई थी, ठीक छह माह बाद उसी तरह का ग्रहण घटित होने से इस महामारी में कमी आएगी।
यह रहेगा राशियों पर प्रभाव
आचार्य शुक्ल के अनुसार कर्क, तुला, कुंभ और मीन राशि पर ग्रहण का प्रभाव शुभ रहेगा। मेष, वृष, मिथुन, सिंह, कन्या, वृश्चिक, धनु, मकर राशि पर अशुभ प्रभाव रहेगा।

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