बागेश्वर में कोरोना काल मे वसूला गया 3 लाख 42 हजार का दंड: डीएम
बागेश्वर। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कोरोना वायरस संक्रमण के दृष्टिगत कोविंड टेस्टिंग रेसियों, कांटै्रक्ट टे्रसिंग, प्रवासियों की टै्रवल्स हिस्ट्री तथा संस्थागत, फैसिलीटी क्वारंटीन सेंटरों में प्रवासियों के लिए की गयी व्यवस्थाओं तथा पोर्टल पर अपलोड कियें गयें डाटा व हार्इ रिस्क कांटै्रक्ट आदि के संबंध में प्रदेश के जिलाधिकारी के साथ वीसी के माध्यम से समीक्षा करते हुए कहा कि जिन जनपदों में कोविंड टेस्टिंग रेसियों कम में उसें बढाया जाय तथा प्रत्येक प्रवासियों की टै्रवल्स हिस्ट्री की जानकारी प्राप्त करते हुए उनका कॉन्टै्रक्ट टे्रसिंग अनिवार्य रूप से किया जाय। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि कोरोना संक्रमण को रोकने एवं नियंत्रण के लिए इसमें लगे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संवदेनशीलता एवं सतर्कता के साथ खुद की भी सुरक्षा करते हुए इस संक्रमण को आम जनमानस में फैलने से रोकने के लिए सभी को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने हैं, तथा इस कार्य में लगे सभी अधिकारी एवं कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराते हुए उन्हें सुरक्षा किट भी उपलब्ध करायें जाय। उन्होंने यह भी कहा कि हमें आने वाले प्रवासियों का बेहतर ढंग से डाटा तैयार करना हैं, ताकि कोर्इ भी केस आने पर उसकी टै्रवल्स हिस्ट्री की जानकारी तत्काल उपलब्ध हो सकें, ताकि संक्रमणक को फैलने से रोका जा सकें। उन्होंने कहा कि कोरोना संक्रमण के प्रभाव को कम करने के लिए इसके लिए सभी अधिकारियो को अपने-अपने जनपदों में छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्ग व गंभीर रोग से ग्रसित व्यिक्तायों का डाटा तैयार करते हुए उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर घूमले-फिरने पर पूर्णत: प्रतिबंधित किया जाय, तथा इसके लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी सुनिश्चित कराने के साथ ही सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन का भी अनुपालन करवाया जाय। उन्होंने कहा कि क्वारंटीन सेंटरों हेतु बनायें गयें इंचार्ज के पास अनिवार्य रूप से सुरक्षा किट उपलब्ध होने के साथ ही उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल की पूर्ण जानकारी दी जाय, तथा क्वारंटीन सेंटरों में रह रहें प्रवासियों की टै्रवल्स हिस्ट्री आदि जानकारी का रजिस्टर भी मेन्टेन किया जाय तथा काउन्सलरों के माध्यम से प्रवासियों की निरन्तर काउंसलिंग की जाय। इस संबंध में उन्होंने सभी जिलाधिकारियों से भी क्वारंटीन सेंटरों का निरन्तर जायजा लेकर वहां की व्यवस्थाओं को परखने के निर्देश दियें। उन्होने सभी जिलाधिकारियों को यह भी कहा कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण के लिए सोशल डिस्टेसिंग का कडार्इ से अनुपालन सुनिश्चित कराया जाय, तथा सभी व्यक्तियों द्वारा मॉास्क का उपयोग अनिवार्य रूप से हो, यदि कोर्इ व्यक्ति नियमों का पालन नहीं करता हैं तो उनके विरूद्ध आवश्यक कार्रवार्इ सुनिश्चित की जाय। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारियों को बधार्इ देते हुए कहा कि सभी अधिकारियों द्वारा कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं रोकथाम के लिए गंभीरता एवं उत्साह के साथ बेहतर ढंग से कार्य किया जा रहा हैं, इस उत्साह को इसी तरह से बनायें रखने के लिए आगे भी इसी उत्साह के साथ कार्य करने की आवश्यकता हैं।वीसी के दौरान सचिव स्वास्थ अमित नेगी ने सभी जिलाधिकारियों से कहा कि जनपद में आने वाले प्रवासियों को बेहतर ढंग से डाटा तैयार हो तथा उनकी निगरानी के लिए एक्टिव सर्विलांस को और अधिक बढाया जाय। जिसमें होम एवं संस्थागत क्वारंटीन सेंटरों में रह रहें प्रवासियों का सर्विलांस आशा एवं आंगनबाडी कार्यकत्रियों के माध्यम से अधिक से अधिक व्यक्तियों को कराया जाय। उन्होंने यह भी कहा कि जनपदो में जो कोविंड केयर सेंटर तैयार किये गयें हैं उनमें सभी आवश्यक व्यवस्थायें सुनिश्चित की जाय।जनपद बागेश्वर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी रंजना राजगुरू ने मुख्य सचिव को अगवत कराया कि जनपद में अब तक प्रति मिलियन 3852 की औसत दर से टेस्ट कियें जा चुकें हैं अर्थात जनपद में अब तक 1001 सैंपल भेजे जा चुकें हैं जिसमें 912 की रिपोर्ट नेगेटिव आयी हैं तथा अब तक कोरोना संक्रमण के 54 मामले आ चुकें हैं जिसमें से 42 लोंग ठीक होने पर होम क्वारंटीन एवं कुछ लोगो को एतियात के तौर पर कोविंड केयर सेंटर के लिए भेजे गये हैं तथा एक व्यक्ति की मृत्यु हुर्इ है। वर्तमान में कोरोना के 11 केस एक्टिव हैं। उन्होंने कहा कि जनपद में आशा एवं आंगनबाडी कार्यकत्रियों द्वारा 1,83,779 लोगो को सर्विलांस किया जा चुका हैं, तथा डॉक्टरों की टीम द्वारा होम क्वारंटीन एवं फैसिलीटी सेंटरों में रह रहे लगभग 15 हजार व्यक्तियों का हैल्थ चैकअप किया जा चुका हैं। होम, फैसिलीटी व संस्थागत क्वरांटीन सेंटरों में सभी व्यवस्थायें दूरस्थ रहें इसके लिए नोडल व प्रभारी नोडल अधिकारी तैनात कियें गये हैं जिनके द्वारा सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित करायी जा रही हैं। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा एवं उपजिलाधिकारियों व अन्य जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा क्वारंटीन सेंटरों का निरीक्षण कर वयवस्थाओं जायजा लिया जा रहा हैं। साथ ही टीमों का गठन कर क्वरंटीन में रह रहें लोगो की कांउसलिंग भी कराया जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण के रोकथाम एवं नियंत्रण में लगें अधिकारियों, कार्मिको के साथ-साथ मेडिकल एवं पुलिस कर्मियों सहित लगभग 3034 लोगो को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जा चुका हैं। जनपद में आवश्यक सेवा को बेहतर करने के लिए 03 एंबुलेंस क्रय करने के लिए मुख्य चिकित्साधिकारी को धनराशि उपलब्ध करायी जा चुकी हैं। उन्होने यह भी अवगत कराया कि कोरोना संक्रमण के नियंत्रण एवं बचाव के लिए नियमों का अनिवार्य रूप से पालन कराने के लिए उनकी ओर से नोटिफिकेशन भी जारी किया जा चुका है। नियमों का पालन कराने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा हैं, तथा जिला प्रशासन, पुलिस व नगर पालिका द्वारा संयुक्त निरीक्षण कर नियमों का पालन न करने वाले के विरूद्ध आवश्यक कार्रवार्इ की जा रही हैं, जिसमें फेस कवर एवं मॉस्क न पहनने वाले 2485, सोशल डिस्टेसिंग का पालन न करने वाले 250 तथा सार्वजनिक स्थान पर नियमों का पालन न करने पर 60 लोगो का चालान करते हुए 3 लाख 42 हजार की धनराशि अर्थदंड के रूप में वसूली गयी हैं।वीसी में मुख्य विकास अधिकारी डी0डी0पंत, अपर जिलाधिकारी राहुल कुमार गोयल, जिला विकास अधिकारी के0एन0तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ0बी0एस0रावत, उपजिलाधिकारी बागेश्वर राकेश चन्द्र तिवारी, अपर मुख्य चिकित्साधिकारी वी0के0सैक्सेना, जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शिखा सुयाल आदि मौजूद रहें।
