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October 12, 2026

सीएम ने ली सतर्कता विभाग की समीक्षा बैठक

देहरादून। मुयमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को सचिवालय में सतर्कता विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिये कि सतर्कता अधिष्ठान को ट्रैप एवं अन्वेषण सिस्टम को मजबूत करने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ट्रैपिंग सिस्टम में लापरवाही करने वाले अधिकारियों की जिमेदारी तय की जाय। शासन स्तर से महत्वपूर्ण प्रकरणों में गोपनीय जांच के बजाय खुली जांच एवं एफआईआर की कार्रवाई की जाये। निदेशक सतर्कता को अभिसूचना संकलन एवं संदिग्ध मामलों के स्वत: संज्ञान लेते हुए आरोपी के आवासों या अन्य स्थानों पर अपर मुय सचिव सतर्कता के अनुमोदन के पश्चात रेड करने का अधिकार देने पर सहमति बनी। मुयमंत्री ने विभागों द्वारा विभिन्न प्रकरणों में लबी अवधि के बाद जांच विजिलेंस को देने पर नाराजगी व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि यदि विभाग को प्रकरण विजिलेंस को ट्रांसफर करना है तो, यह कार्यवाही एक साल के अन्दर पूर्ण कर जी जाय। प्रत्येक सरकारी विभाग में विजिलेंस नोडल ऑफिसर एक माह के भीतर अपेक्षित सूचना सतर्कता विभाग को उपलब्ध कराने के लिए उत्तरदायी होंगे। बैठक में निर्णय लिया गया कि प्रत्येक रायाधीन कार्यरत कर्मचारियों को हर साल प्रॉपर्टी रिटर्न ऑनलाईन दाखिल किया जाना अनिवार्य किया जाय। मुयमंत्री त्रिवेन्द्र ने अभिसूचना एवं सुरक्षा विभाग के कार्यों की भी समीक्षा की। मुयमंत्री ने कहा कि अभिसूचना तंत्र को और अधिक मजबूत किया जाय। अभिसूचना तंत्र की मजबूती के लिए थाना स्तर पर निरंतर समन्वय स्थापित किया जाय। उन्होंने कहा कि राय के सीमावर्ती क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के लोगों से निरंतर समन्वय स्थापित किया जाय। सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की मूलभूत आवश्यकताओं और वहां इन्फ्रास्टक्चर को विकसित किये जाने को प्राथमिकता दी जाय। केन्द्र सरकार की सीमांत क्षेत्र विकास परियोजना एवं राय सरकार की मुयमंत्री सीमांत क्षेत्र विकास योजना पर फोकस किया जाय। सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग के लिए सिस्टम को मजबूत बनाया जाय। लॉ एवं आर्डर की दृष्टि से दुष्प्रचार करने वाले लोगों को चिन्हित किया जाय एवं उनके विरूद्ध कार्रवाई की जाय। बैठक में अपर मुय सचिव राधा रतूड़ी, सचिव न्याय प्रेम सिंह खिमाल, सचिव गृह नितेश झा, डीजीपी अनिल कुमार रतूड़ी, डीजीपी कानून एवं व्यवस्था अशोक कुमार, एडीजी सतर्कता वी. विनय कुमार, आईजी अमित सिन्हा आदि उपस्थित थे।

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