August 31, 2026

नाचनी के ग्रामीणों ने किया जिला मुयालय पहुंचकर प्रदर्शन

पिथौरागढ़। जुलाई माह में भीषण प्राकृतिक आपदा झेलने वाले नाचनी क्षेत्र के ग्रामीणों ने बुधवार को जिला मुयालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीण अब तक क्षति आकलन का कार्य नहीं होने से खासे नाराज हैं। ग्रामीणों ने इस मामले में पहल नहीं होने पर तीन दिसंबर को नाचनी में चक्का जाम करने की चेतावनी दी है। कलक्ट्रेट के समुख प्रदर्शन करते हुए नाचनी के बांसबगड़ क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा कि 26 से 28 जुलाई तक आई प्राकृतिक आपदा में कई घर क्षतिग्रस्त हो गए। सार्वजनिक मार्ग ध्वस्त हुए और सैकड़ों नाली भूमि बरागाड़ नदी में समा गई। ग्रामीण आज भी आपदा की मार झेल रहे हैं। चार माह बीत जाने के बाद भी प्रशासन ने इस क्षेत्र में आई आपदा से हुई क्षति का आंकलन नहीं किया गया है। प्रभावितों का मुआवजा नहीं मिला है। क्षतिग्रस्त सार्वजनिक परिसंपत्तियां की कोई सुध नहीं ली गई है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि क्षति आकलन के लिए कई बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं हो रही है। प्रदर्शनकारियों ने बरागाड़ में शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य शुरू कराए जाने की मांग करते हुए कहा कि शीघ्र क्षति आंकलन नहीं हुआ तो तीन दिसंबर को थल-मुनस्यारी मोटर मार्ग में पडऩे वाले नाचनी कस्बे में चक्का जाम कर दिया जाएगा। प्रदर्शन करने वालों में बीडीसी नारायण प्रसाद, प्रधान पुष्पा देवी, भावना देवी सहित तमाम पंचायत प्रतिनिधि शामिल थे। यूथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऋषेंद्र महर ने भी प्रदर्शन में शामिल होकर प्रभावित क्षेत्र में क्षति आंकलन का कार्य शुरू कराए जाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद मांग से संबंधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।